श्री किरातशास्तुः अष्टोत्तरशतनामावलिः ॥

Atha Shri Kiratshastu Ashtottarshat Namavali:
॥ अथ श्री किरातशास्तुः अष्टोत्तरशतनामावलिः ॥

ॐ किरातात्मने नमः ॥
ॐ शिवाय नमः ॥
ॐ शान्ताय नमः ॥
ॐ शिवात्मने नमः ॥
ॐ शिवानन्दनाय नमः ॥
ॐ पुराणपुरुषाय नमः ॥
ॐ धन्विने नमः ॥
ॐ पुरुहुतसहायकृते नमः ॥
ॐ नीलाम्बराय नमः ॥
ॐ महाबाहवे नमः ॥१०॥
ॐ वीर्यवते नमः ॥
ॐ विजयप्रदाय नमः ॥
ॐ विधुमौलये नमः ॥
ॐ विराडात्मने नमः ॥
ॐ विश्वात्मने नमः ॥
ॐ वीर्यमोहनाय नमः  ॥
ॐ वरदाय नमः ॥
ॐ वामदेवाय नमः ॥
ॐ वासुदेवप्रियाय नमः ॥
ॐ विभवे नमः ॥२०॥
ॐ केयूरवते नमः ॥
ॐ पिञ्छमौळये नमः ॥
ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः ॥
ॐ कृपाणवते नमः ॥
ॐ शास्वताय नमः ॥
ॐ शरकोदण्डिने नमः ॥
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः ॥
ॐ श्यामलाङ्गाय नमः ॥
ॐ शरधीमते नमः ॥
ॐ शरदिन्दु निभाननाय नमः ॥३०॥
ॐ पीनकन्ठाय नमः ॥
ॐ विरूपाक्षाय नमः ॥
ॐ क्षुद्रघ्ने नमः ॥
ॐ क्षुरिकायुधाय नमः ॥
ॐ धाराधर वपुषे नमः ॥
ॐ धीमते नमः ॥
ॐ सत्यसन्धाय नमः ॥
ॐ प्रतापवते नमः  ॥
ॐ कैरातपतये नमः ॥
ॐ आखेटप्रियाय नमः ॥४०॥
ॐ प्रीतिप्रदाय नमः ॥
ॐ प्रभवे नमः ॥
ॐ रेणुकात्मज श्रीराम चित्तपद्मालयाय नमः ॥
ॐ बलिने नमः  ॥
ॐ व्याडरूपधराय नमः ॥
ॐ व्याधिनाशनाय नमः ॥
ॐ कालशासनाय नमः ॥
ॐ कामदेवसमाय नमः ॥
ॐ देवाय नमः ॥
ॐ कामितार्थ फलप्रदाय नमः ॥५०॥
ॐ अभृताय नमः ॥
ॐ स्वभृताय नमः ॥
ॐ धीराय नमः ॥
ॐ साराय नमः ॥
ॐ सात्विकसत्तमाय नमः ॥
ॐ सामवेदप्रियाय नमः ॥
ॐ वेधसे नमः ॥
ॐ वेदाय नमः ॥
ॐ वेदविदांवराय नमः ॥
ॐ त्र्यक्षरात्मने नमः ॥६०॥
ॐ त्रिलोकेशाय नमः ॥
ॐ त्रिस्वरात्मने नमः ॥
ॐ त्रिलोचनाय नमः ॥
ॐ त्रिगुणात्मने नमः ॥
ॐ त्रिकालज्ञाय नमः ॥
ॐ त्रिमूर्त्यात्मने नमः ॥
ॐ त्रिवर्गदाय नमः  ॥
ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः ॥
ॐ श्रीमते नमः ॥
ॐ पावनाय नमः ॥७०॥
ॐ पापनाशनाय नमः ॥
ॐ पारावारगभीरात्मने नमः ॥
ॐ परमात्मने नमः ॥
ॐ परात्पराय नमः ॥
ॐ गीतप्रियाय नमः ॥
ॐ गीतकीर्तये नमः ॥
ॐ कार्तिकेयसहोदराय नमः ॥
ॐ कारुण्यसागराय नमः ॥
ॐ हंसाय नमः ॥
ॐ सिद्धाय नमः ॥८०॥
ॐ सिम्हपराक्रमाय नमः ॥
ॐ सुश्लोकाय नमः ॥
ॐ सुमुखाय नमः ॥
ॐ वीराय नमः ॥
ॐ सुन्दराय नमः ॥
ॐ सुरवन्दिताय नमः ॥
ॐ सुरवैरिकुलध्वंसिने नमः ॥
ॐ स्थूलश्मश्रुवे नमः ॥
ॐ अमित्रघ्ने नमः ॥
ॐ अमृताय नमः ॥ ९०॥
ॐ सर्वगाय नमः ॥
ॐ सूक्ष्माय नमः ॥
ॐ स्थूलाय नमः ॥
ॐ तुरगवाहनाय नमः ॥
ॐ अमलाय नमः ॥
ॐ विमलाय नमः ॥
ॐ दक्षाय नमः ॥
ॐ वसुमते नमः ॥
ॐ वनगाय नमः ॥
ॐ गुरवे नमः ॥ १००॥
ॐ सर्वप्रियाय नमः ॥
ॐ सर्वसाक्षिणे नमः ॥
ॐ सर्वयोगीश्वरेश्वराय नमः ॥
ॐ तारकब्रह्मरूपिणे नमः ॥
ॐ चन्द्रिकाविशदस्मिताय नमः ॥
ॐ किरातवपुषे नमः ॥
ॐ आरामसञ्चारिणे नमः ॥
ॐ परमेश्वराय नमः ॥१०८॥

॥ इति श्री किरातशास्तुः अष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णम् ॥

 

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