श्री अन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामावलिः ।।

Shri Annapurna Ashtottarshat Namavali:
अथ श्री अन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामावलिः ।।

ॐ अन्नपूर्णायै नमः ।।
ॐ शिवायै नमः ।।
ॐ देव्यै नमः ।।
ॐ भीमायै नमः ।।
ॐ पुष्ट्यै नमः ।।
ॐ सरस्वत्यै नमः ।।
ॐ सर्वज्ञायै नमः ।।
ॐ पार्वत्यै नमः ।।
ॐ दुर्गायै नमः ।।
ॐ शर्वाण्यै नमः ।। १० ।।
ॐ शिववल्लभायै नमः ।।
ॐ वेदवेद्यायै नमः ।।
ॐ महाविद्यायै नमः ।।
ॐ विद्यादात्रै नमः ।।
ॐ विशारदायै नमः ।।
ॐ कुमार्यै नमः ।।
ॐ त्रिपुरायै नमः ।।
ॐ बालायै नमः ।।
ॐ लक्ष्म्यै नमः ।।
ॐ श्रियै नमः ।। २० ।।
ॐ भयहारिणै नमः ।।
ॐ भवान्यै नमः ।।
ॐ विष्णुजनन्यै नमः ।।
ॐ ब्रह्मादिजनन्यै नमः ।।
ॐ गणेशजनन्यै नमः ।।
ॐ शक्त्यै नमः ।।
ॐ कुमारजनन्यै नमः ।।
ॐ शुभायै नमः ।।
ॐ भोगप्रदायै नमः ।।
ॐ भगवत्यै नमः ।। ३० ।।
ॐ भक्ताभीष्टप्रदायिन्यै नमः ।।
ॐ भवरोगहरायै नमः ।।
ॐ भव्यायै नमः ।।
ॐ शुभ्रायै नमः ।।
ॐ परममङ्गलायै नमः ।।
ॐ भवान्यै नमः ।।
ॐ चञ्चलायै नमः ।।
ॐ गौर्यै नमः ।।
ॐ चारुचन्द्रकलाधरायै नमः ।।
ॐ विशालाक्ष्यै नमः ।। ४० ।।
ॐ विश्वमात्रे नमः ।।
ॐ विश्ववन्द्यायै नमः ।।
ॐ विलासिन्यै नमः ।।
ॐ आर्यायै नमः ।।
ॐ कल्याणनिलायायै नमः ।।
ॐ रुद्राण्यै नमः ।।
ॐ कमलासनायै नमः ।।
ॐ शुभप्रदायै नमः ।।
ॐ शुभावर्तायै नमः ।।
ॐ वृत्तपीनपयोधरायै नमः ।। ५० ।।
ॐ अम्बायै नमः ।।
ॐ संहारमथन्यै नमः ।।
ॐ मृडान्यै नमः ।।
ॐ सर्वमङ्गलायै नमः ।।
ॐ विष्णुसंसेवितायै नमः ।।
ॐ सिद्धायै नमः ।।
ॐ ब्रह्माण्यै नमः ।।
ॐ सुरसेवितायै नमः ।।
ॐ परमानन्ददायै नमः ।।
ॐ शान्त्यै नमः ।। ६० ।।
ॐ परमानन्दरूपिण्यै नमः ।।
ॐ परमानन्दजनन्यै नमः ।।
ॐ परायै नमः ।।
ॐ आनन्दप्रदायिन्यै नमः ।।
ॐ परोपकारनिरतायै नमः ।।
ॐ परमायै नमः ।।
ॐ भक्तवत्सलायै नमः ।।
ॐ पूर्णचन्द्राभवदनायै नमः ।।
ॐ पूर्णचन्द्रनिभांशुकायै नमः ।।
ॐ शुभलक्षणसम्पन्नायै नमः ।। ७० ।।
ॐ शुभानन्दगुणार्णवायै नमः ।।
ॐ शुभसौभाग्यनिलयायै नमः ।।
ॐ शुभदायै नमः ।।
ॐ रतिप्रियायै नमः ।।
ॐ चण्डिकायै नमः ।।
ॐ चण्डमथन्यै नमः ।।
ॐ चण्डदर्पनिवारिण्यै नमः ।।
ॐ मार्ताण्डनयनायै नमः ।।
ॐ साध्व्यै नमः ।।
ॐ चन्द्राग्निनयनायै नमः ।। ८० ।।
ॐ सत्यै नमः ।।
ॐ पुण्डरीकहरायै नमः ।।
ॐ पूर्णायै नमः ।।
ॐ पुण्यदायै नमः ।।
ॐ पुण्यरूपिण्यै नमः ।।
ॐ मायातीतायै नमः ।।
ॐ श्रेष्ठमायायै नमः ।।
ॐ श्रेष्ठधर्मायै नमः ।।
ॐ आत्मवन्दितायै नमः ।।
ॐ असृष्ट्यै नमः ।। ९० ।।
ॐ सङ्गरहितायै नमः ।।
ॐ सृष्टिहेतवे नमः ।।
ॐ कपर्दिन्यै नमः ।।
ॐ वृषारूढायै नमः ।।
ॐ शूलहस्तायै नमः ।।
ॐ स्थितिसंहारकारिण्यै नमः ।।
ॐ मन्दस्मितायै नमः ।।
ॐ स्कन्दमात्रे नमः ।।
ॐ शुद्धचित्तायै नमः ।।
ॐ मुनिस्तुतायै नमः ।। १०० ।।
ॐ महाभगवत्यै नमः ।।
ॐ दक्षायै नमः ।।
ॐ दक्षाध्वरविनाशिन्यै नमः ।।
ॐ सर्वार्थदात्र्यै नमः ।।
ॐ सावित्र्यै नमः ।।
ॐ सदाशिवकुटुम्बिन्यै नमः ।।
ॐ नित्यसुन्दरसर्वाङ्ग्यै नमः ।।
ॐ सच्चिदानन्दलक्षणायै नमः ।।

।। इति श्री अन्नपूर्णाष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णम् ।।

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।।। नारायण नारायण ।।।

 

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