आज का पञ्चांग

आज का लेख एवं आज 26 जून 2017 दिन सोमवार का पंचाग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।। 
 
आज का लेख एवं आज 26 जून 2017 दिन सोमवार का पंचाग ।।
 
Aaj-26-June-ka-Panchang. 
 
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विक्रम संवत् - 2074.
 
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.
 
शक - 1939.
 
अयन - उत्तरायण.
 
गोल - उत्तर.
 
ऋतु - ग्रीष्म.
 
मास - आषाढ़.
 
पक्ष - शुक्ल.
 
गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ शुक्ल पक्ष.
 
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तिथि - तृतीया 22:13 PM बजे तक उपरान्त चतुर्थी तिथि है ।।
 
नक्षत्र - पुष्य 21:23 PM तक उपरान्त आश्लेषा (गण्डमूल) नक्षत्र है ।।
 
योग - व्यतिपात 14:16 PM उपरान्त हर्षण योग है ।।
 
करण - तैतिल 11:33 AM तक उपरान्त गर 22:13 PM तक उपरान्त वणिज करण है ।।
 
चन्द्रमा - कर्क राशि पर ।।
 
सूर्योदय - प्रातः 06:02:06
 
सूर्यास्त - सायं 19:21
 
राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 07:30 बजे से 09:00 बजे तक ।।
 
विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।।
 
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तृतीया तिथि विशेष - तृतीया तिथि में नमक एवं चतुर्थी को मूली का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य माना गया है । चतुर्थी को मूली एवं तिल का दान तथा भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है । तृतीया तिथि एक सबला और आरोग्यकारी तिथि मानी जाती है । इसकी स्वामी माता गौरी और कुबेर देवता हैं, जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है ।। 
 
तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है अन्यथा इस तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है । आज माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है । आज एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है । आज भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये । देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है ।।
 
मित्रों, तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है । इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है । ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है । इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है ।।
 
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सामान्यतया सोमवार शॉपिंग के लिए अच्छा दिन माना जाता है ।।
 
सोमवार का विशेष - सोमवार के दिन तेल मर्दन अर्थात् तेल मालिश करने से चहरे और शरीर की कान्ति बढ़ती है - (मुहूर्तगणपति) ।।
 
सोमवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से शिव भक्ति की हानि होती है । पुत्रवान पिता को तो कदापि नहीं करना चाहिये । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।
 
दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई दर्पण देखकर घर से प्रस्थान कर सकते है ।।
 
सोमवार के दिन ये विशेष उपाय करें - सोमवार को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए । कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है ।।
 
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मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म सोमवार को होता है, वो जातक शांत प्रवृत्ति के गौर वर्ण लिए हुये होते हैं । सोमवार चन्द्र प्रधान दिन होता है, इसलिये इस जातक में कल्पनाशीलता, दया भाव, नम्रता के गुण परिलक्षित होते हैं । माता के प्रिय एवं सद्गुणों से युक्त ये जातक कवि ह्रदय, सफेद वस्तुओं से लाभ पाने वाला, यात्रा का शौकीन, जलाशयों एवं प्रकृति का प्रेमी होता है ।।
 
सोमवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है । इनकी प्रकृति यानी इनका स्वभाव शान्त होता है । इनकी वाणी मधुर और मोहित करने वाली होती है । ये स्थिर स्वभाव वाले होते हैं सुख हो या दु:ख सभी स्थिति में ये समान रहते हैं । धन के मामले में भी ये भाग्यशाली होते हैं तथा इन्हें सरकार एवं समाज से मान-सम्मान मिलता है ।।
 
इस दिन जन्‍म लेने वाले जातक को पर्यावरण के क्षेत्र में, समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में, पानी से जुड़े रोजगार जैसे मत्‍स्‍य पालन या मछली का व्‍यवाय, पत्‍थरों का व्‍यवसाय, कपड़े का व्‍यवसाय अधिक फलता है । इनके लिए सफेद रंग सदा शुभकारी होता है इसलिए कैरियर के लिहाज से आप जहां भी जायें सफेद रुमाल अपनी जेब में रखें और उस क्षेत्र को ही चुने जिसमें सफेद रंग की प्रधानता हो, जैसे पानी, कपड़ा, फूल, पत्‍थर आदि से जुड़ा व्‍यवसाय ।।
 
आज का सुविचार - मित्रों, जीना हैं, तो उस दीपक की तरह जियो जो बादशाह के महल में भी उतनी ही रोशनी देता हैं जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में । जो भाग्य में हैं वह भाग कर आयेगा और जो भाग्य में नही हैं वह आकर भी भाग जायेगा । हँसते रहो तो दुनिया साथ हैं, वरना आँसुओं को तो आँखो में भी जगह नही मिलती ।।
 
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।।। नारायण नारायण ।।।

आज का लेख एवं आज 25 जून 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
 
आज का लेख एवं आज 25 जून 2017 दिन रविवार का पंचाग ।।
 
Aaj-25-June-ka-Panchang.
 
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विक्रम संवत् - 2074. 
 
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण. 
 
शक - 1939.
 
अयन - उत्तरायण.
 
गोल - उत्तर.
 
ऋतु - ग्रीष्म.
 
मास - आषाढ़.
 
पक्ष - शुक्ल.
 
गुजराती पंचांग के अनुसार - आषाढ़ शुक्ल पक्ष.
 
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तिथि - प्रतिपदा 04:22 AM बजे तक उपरान्त द्वितीया तिथि है ।।
 
नक्षत्र - पुनर्वसु 23:26 PM तक उपरान्त पुष्य नक्षत्र है ।।
 
योग - ध्रुव 17:58 PM उपरान्त व्यतिपात योग है ।।
 
करण - बव 04:22 AM तक उपरान्त बालव 14:39 PM तक उपरान्त कौलव करण है ।।
 
चन्द्रमा - मिथुन राशि पर 18:02 PM तक उपरान्त कर्क राशि पर ।।
 
सूर्योदय - प्रातः 06:01:50
 
सूर्यास्त - सायं 19:21
 
राहुकाल (अशुभ) - सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक ।।
 
विजय (शुभ) मुहूर्त - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।।
 
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द्वितीया तिथि विशेष - मित्रों, द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है । द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है तथा इसके स्वामी ब्रह्माजी हैं । भद्रा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है ।।
 
प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये । वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है । परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है । इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये ।।
 
मित्रों, ज्योतिषशास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है । इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है । इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं । इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं । इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो । ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है ।।
 
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मित्रों, आज रविवार को सुबह भगवान सूर्य को ताम्बे के एक लोटे में लाल चन्दन, गुड़ और लाल फुल मिलाकर अर्घ्य इस मन्त्र से प्रदान करें । अथ मन्त्रः- एही सूर्य सहस्रांशो तेजो राशे जगत्पते । अनुकम्प्य मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर ।। अथवा गायत्री मन्त्र से भी सूर्यार्घ्य दे सकते हैं ।।
 
इसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये । भोजन में मीठा भोजन करना चाहिये नमक का परित्याग करना अत्यन्त श्रेयस्कर होता है । इस प्रकार से किया गया रविवार का पूजन आपको समाज में सर्वोच्च प्रतिष्ठा एवं अतुलनीय धन प्रदान करता है । क्योंकि सूर्य धन और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह है ।। 
 
दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है ।।
 
रविवार का विशेष - रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं - (मुहूर्तगणपति) ।।
 
रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।
 
विशेष जानकारी - मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये । साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये ।।
 
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मित्रों, रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है । इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है । इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं । इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं ।।
 
रविवार को जन्मे जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं । इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है । महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं । उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं । ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते । ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं । इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है ।।
 
आज का सुविचार - मित्रों, गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना । क्योंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं । दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं । कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों में डालकर ।।
 
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।।। नारायण नारायण ।।।

आज का लेख एवं आज 24 जून 2017 दिन शनिवार का पंचाग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
 
आज का लेख एवं आज 24 जून 2017 दिन शनिवार का पंचाग ।।
 
Aaj-24-June-ka-Panchang.
 
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विक्रम संवत् - 2074.
 
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.
 
शक - 1939.
 
अयन - उत्तरायण.
 
गोल - उत्तर.
 
ऋतु - ग्रीष्म.
 
मास - आषाढ़.
 
पक्ष - कृष्ण.
 
गुजराती पंचांग के अनुसार - ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष.
 
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तिथि - अमावस्या 08:02 AM बजे तक उपरान्त प्रतिपदा तिथि है ।।
 
नक्षत्र - मृगशिरा 04:50 AM तक उपरान्त आर्द्रा नक्षत्र है ।।
 
योग - वृद्धि 21:53 PM उपरान्त ध्रुव योग है ।।
 
करण - नाग 08:02 AM तक उपरान्त किन्स्तुघ्न 18:11 PM तक उपरान्त बव करण है ।।
 
चन्द्रमा - मिथुन राशि पर ।।
 
सूर्योदय - प्रातः 06:01:34
 
सूर्यास्त - सायं 19:21
 
राहुकाल (अशुभ) - सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक ।।
 
विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।।
 
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अमावस्या तिथि विशेष - अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है । शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है । अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है । अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं । यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है ।।
 
मित्रों, अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है । किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है । जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है । इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है ।।
 
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है । अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये । आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है । अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये । घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं ।।
 
मित्रों, अमावस्या तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति चतुर एवं कुटिल होता है । इनके मन में दया के भावनाओं की बहुत ही कमी होती है । इनके स्वभाव में ईर्ष्या अर्थात दूसरों से जलने की प्रवृति होती है । इनके व्यवहार एवं आचरण में कठोरता दिखाई देती है । ये दीर्घसूत्री अर्थात किसी भी कार्य को पूरा करने में काफी समय लगाते हैं ।।
 
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शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये ।।
 
शनिवार का विशेष - शनिवार के दिन तेल मर्दन "मालिश" करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं - (मुहूर्तगणपति) ।।
 
शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।
 
शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है । पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है ।।
 
दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है ।।
 
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जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है । ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं । ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है ।।
 
शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं । इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है । पारिवारिक जिम्मेदारियां भी अधिक रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं । सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है ।।
 
शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वाभाव में साहस लक्षित होता है । सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं । ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं । इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्‍टर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये । इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है ।।
 
आज का सुविचार - मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं । ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं ।।
 
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शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है ।।....  आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें....   ब्लॉग पर पढ़ें:   &  वेबसाईट पर पढ़ें:
 
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।।। नारायण नारायण ।।।

आज का लेख एवं 23 जून 2017 दिन शुक्रवार का पंचाग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।। 
 
आज का लेख एवं 23 जून 2017 दिन शुक्रवार का पंचाग ।।
 
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गोल - उत्तर.
 
ऋतु - ग्रीष्म.
 
मास - आषाढ़.
 
पक्ष - कृष्ण.
 
गुजराती पंचांग के अनुसार - ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष.
 
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तिथि - चतुर्दशी 11:51 AM बजे तक उपरान्त अमावस्या तिथि है ।।
 
नक्षत्र - रोहिणी 07:49 AM तक उपरान्त मृगशिरा नक्षत्र है ।।
 
योग - शूल 06:15 AM उपरान्त गण्ड योग है ।।
 
करण - शकुनि 11:51 AM तक उपरान्त चतुष्पद 21:56 PM तक उपरान्त नाग करण है ।।
 
चन्द्रमा - वृषभ राशि पर 18:20 PM तक उपरान्त मिथुन राशि पर ।।
 
सूर्योदय - प्रातः 06:01:20
 
सूर्यास्त - सायं 19:21
 
राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 10:30 बजे से 12:00 बजे तक ।।
 
विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.29 बजे से 12.53 बजे तक ।।
 
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चतुर्दशी तिथि विशेष - चतुर्दशी को शहद और अमावस्या को मैथुन त्याज्य होता है । चतुर्दशी तिथि क्रूरा और उग्रा तिथि मानी जाती है, इसके देवता शिवजी हैं । चतुर्दशी को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन अर्चन एवं अभिषेक करना चाहिये । सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत रुद्राभिषेक करवायें ।।
 
आज की तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है । जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है । रिक्ता नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है ।।
 
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है । इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है । इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है । ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं । देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है ।।
 
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शुक्रवार का विशेष - शुक्रवार के दिन तेल मर्दन अर्थात तेल शरीर में मालिश करने से बिघ्न बाधायें आती हैं - (मुहूर्तगणपति) ।।
 
शुक्रवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से लाभ और यश की प्राप्ति होती है । (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।
 
दिशाशूल - शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खाकर यात्रा कर सकते है ।।
 
शुक्रवार का विशेष टिप्स - मित्रों, आज शुक्रवार को दक्षिणावर्ती शंख से भगवान नारायण (शालिग्राम भगवान) का अभिषेक करें । यथोपचार से पूजन करें और पूजन के उपरान्त अथवा मध्य में ही श्वेत चन्दन में केशर मिलाकर भगवान को श्रद्धापूर्वक तिलक लगायें । शुक्रवार को इस प्रकार किया गया भगवान नारायण का पूजन माता महालक्ष्मी को बलात आपके घर की ओर खिंच लाता है । आज लक्ष्मी घर में आयें इसके लिये घर के ईशान कोण में देशी गाय के घी से रुई के जगह लाल धागे की बत्ती का एक दीपक जलायें ।।
 
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मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म शुक्रवार को होता है वह व्यक्ति चंचल स्वभाव का होता है । ये सांसारिक सुखों में लिप्त रहने वाले होते हैं तथा तर्क करने में निपुण और नैतिकता में बढ़ चढ कर होते हैं । ये धनवान और कामदेव के गुणों से प्रभावित रहते हैं और इनकी बुद्धि अत्यन्त तीक्ष्ण होती है । ये ईश्वर की सत्ता में अंधविश्वास नहीं रखते हैं तथा कला के प्रति रूचि रखने वाले, सुन्दर एवं आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं ।।
 
ऐसे लोग सौंदर्यप्रेमी, मधुरभाषी, यात्राओं के शौकिन, सुंदर स्थानों पर घुमने वाले एवं कलाकार स्वभाव के होते हैं । इनमें सेक्स की भावना अन्यों के मुकाबले अधिक होती है । सुन्दर कपडे़ पहनने के शौकिन तथा आभूषण अर्थात ज्वेलरी प्रिय होते हैं । इनको अपना कैरियर पर्यटन से जुडे क्षेत्र, फैशन डिजायनर, कलाकार, सेक्‍स विशेषज्ञ, मनोचिकित्‍सक अथवा ज्‍वेलरी से सम्बन्धित व्‍यवसायों में आजमाना चाहिये । इनका शुभ अंक 7 होता है तथा इनका शुभ दिन बुधवार और शुक्रवार होता है ।।
 
आज का सुविचार - मित्रों, अगर कोई आपको नीचा दिखाना चाहता हैं तो इसका मतलब हैं आप उससे ऊपर हैं । जिनमें आत्मविश्वास की कमी होती हैं वही दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं । मुझे कौन याद करेगा इस भरी दुनिया में, हे प्रभु ! बिना मतल़ब के तो लोग तुझे भी याद नही करते ।।
 
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।।। नारायण नारायण ।।।

आज का लेख एवं आज 22 जून 2017 दिन बुधवार का पंचाग ।।

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष विद्यालय, सिलवासा ।।
 
आज का लेख एवं आज 22 जून 2017 दिन बुधवार का पंचाग ।।
 
Aaj-22-June-ka-Panchang.
 
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विक्रम संवत् - 2074. 
 
संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर - साधारण.
 
शक - 1939.
 
अयन - उत्तरायण.
 
गोल - उत्तर.
 
ऋतु - ग्रीष्म.
 
मास - आषाढ़.
 
पक्ष - कृष्ण.
 
गुजराती पंचांग के अनुसार - ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष.
 
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तिथि - त्रयोदशी 15:40 PM बजे तक उपरान्त चतुर्दशी तिथि है ।।
 
नक्षत्र - कृत्तिका 10:46 AM तक उपरान्त रोहिणी नक्षत्र है ।।
 
योग - धृत्ति 10:26 AM उपरान्त शूल योग है ।।
 
करण - गर 05:29 AM तक उपरान्त वणिज 15:40 PM तक उपरान्त विष्टि करण है ।।
 
चन्द्रमा - वृषभ राशि पर ।।
 
सूर्योदय - प्रातः 06:01:05
 
सूर्यास्त - सायं 19:20
 
राहुकाल (अशुभ) - दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक ।।
 
विजय मुहूर्त (शुभ) - दोपहर 12.28 बजे से 12.52 बजे तक ।।
 
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त्रयोदशी तिथि विशेष - त्रयोदशी तिथि को बैंगन और चतुर्दशी को शहद त्याज्य होता है । त्रयोदशी तिथि जयकारी और सर्वसिद्धिकारी तिथि मानी जाती है । इसके देवता मदन (कामदेव) हैं । जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है । शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव ।।
 
कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं । जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये । कामदेव का मन्त्र - ॐ रतिप्रियायै नम: । अथवा - ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि । तन्नो अनंग: प्रचोदयात् ।।
 
आज की तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है । आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से । जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये । जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये ।।
 
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है । इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है । इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है । यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं ।।
 
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गुरुवार शॉपिंग के लिये अच्छा दिन माना जाता है ।।
 
गुरुवार का विशेष - गुरुवार के दिन तेल मर्दन करने से धन एवं यश की हानि होती है - (मुहूर्तगणपति) ।।
 
गुरुवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से तथा सर के बाल धोना, कपड़े धुलना अथवा धोबी के घर डालना, घर-आँगन की गोबर आदि से लिपाई करना इस प्रकार के कार्य नहीं करने चाहियें इससे धन एवं पूण्य की हानी होती है और लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती है ।। (महाभारत अनुशासनपर्व) ।।
 
महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक ग्रह होता है । साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक ग्रह भी होता है । इसलिये बृहस्पति ग्रह अकेले ही स्त्री के संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है । अतः बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी आती है । इसी कारण से इस दिन बाल धोना या कटवाना भी नहीं चाहिए । इसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है और उनकी उन्नति बाधित होती है ।।
 
वास्तु अनुसार घर के ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है । ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है । साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से ही होता है । ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है इसलिये घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोना, कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना इत्यादि घर के ईशान कोण को कमजोर करता है । उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर गुरु का शुभ प्रभाव कम होता है ।।
 
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गुरुवार भगवान लक्ष्मी नारायण का दिन होता है । इसलिये इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से जीवन में अपार खुशियाँ आती है । इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच कभी दूरियाँ नहीं आती है साथ ही धन की वृद्धि भी होती है । जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं । परन्तु यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में भी रुकावटें आती है ।।
 
गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है । जैसे - सिर के बाल धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जाती हो । ये सभी काम गुरुवार को करने से धन हानि होता है तथा तरक्की रुक जाती है ।।
 
दिशाशूल - गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है ।।
 
गुरुवार के दिन ये विशेष उपाय करें - गुरु धन एवं प्रतिष्ठा का कारक ग्रह होता है । जिस व्यक्ति पर गुरु की कृपा होती है उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है । गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान ध्यान करें और घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें । इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें बिगड़े काम भी बन जायेंगे ।।
 
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बृहस्पतिवार को जिनका जन्म होता है, वह व्यक्ति विद्या एवं धन से युक्त होता है अर्थात ये ज्ञानी और धनवान होते हैं । ये विवेकशील होते हैं और शिक्षण को अपना पेशा बनाते हैं । ये लोगों के सम्मुख आदर और सम्मान के साथ प्रस्तुत होते हैं तथा उच्च स्तर के सलाहकार भी होते हैं । गुरुवार में जन्मे जातक सभ्य, खिलते रंग के, सुशील एवं मधुर स्वभाव के होते हैं तथा धर्म के प्रति सचेत होते हैं ।।
 
ये सभी सद्गुणों से संपन्न होने के वजह से किसी के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं । ऐसे लोग किसी का हक नहीं मारते तथा न्याय के प्रति सजग होते हैं । यह सफल राजनीतिज्ञ, न्यायधीश, क्लर्क, प्रकाशक एवं धर्मगुरु आदि के रूप में सफल होते हैं । गुरुवार को जन्‍म लेने वाले व्‍यक्ति बेहद मिलनसार और मधुर स्‍वभाव के होते हैं । ये जीवन को उत्‍सव की तरह जीते हैं इसलिए हमेशा खिले-खिले रहते हैं ।।
 
ऐसे व्यक्ति धर्म में विशेष रुचि रखने वाले होते हैं । धार्मिक प्रवृत्ति के कारण ये कभी किसी के साथ विश्‍वासघात नहीं कर सकते हैं । यह किसी का हक भी नहीं मारते, न्याय के प्रति सजग होते हैं । इनको अपने जीवन में सफलता हेतु धर्मगुरु, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, प्रकाशक एवं न्यायधीश आदि के क्षेत्र में भाग्य आजमाना चाहिये । इनका शुभ दिन मंगलवार और बृहस्‍पतिवार तथा शुभ अंक 4 होता है ।।
 
आज का विचार - मित्रों, हम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं । परन्तु याद रहे कि होशियार लोग अपनी गलती से लेते हैं, जबकि ज्यादा होशियार लोग दूसरों की गलतियों से गलतियों को दुहराना सीखते हैं । इसलिये अपनी गलतियों को सुधारना ही व्यक्ति में इंसानियत लाता है ।।
 
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