चन्द्र अशुभ हो तो क्या ना करें।।

अगर कुण्डली में चन्द्रमा अशुभ फल दे रहा हो तो क्या करें और क्या ना करें।।  Chandra Ashubh Ho To Kya Na Karen.

हैल्लो फ्रेण्ड्सzzz,

मित्रों, चन्द्रमा मन का स्वामी ग्रह माना जाता है । यह संगीत, कला, हस्तकला, शिल्पकला, अभिनय, नाटक, गायन एवं रचनात्मक कार्यों की तरफ आकृष्ट करके सफलता प्रदान करता है । चन्द्र प्रभावी लोग लेखन, निर्देशन और पत्रकारिता में भी सफल हो सकते हैं ।।

जन्म कुण्डली में चन्द्रमा के नीच अथवा मंद होने पर शंख का दान करना उत्तम होता है । इसके अलावा सफेद वस्त्र, चांदी, चावल, भात एवं दूध का दान भी पीड़ित चन्द्रमा वाले व्यक्ति के लिए लाभदायक होता है ।।

जल दान अर्थात प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाने से भी चन्द्रमा की विपरीत दशा में सुधार होता है । अगर आपका चन्द्रमा पीड़ित है तो आपको चन्द्रमा से सम्बन्धित रत्न अर्थात मोती दान करना चाहिए ।।

चन्दमा से सम्बन्धित वस्तुओं का दान करते समय ध्यान रखें, कि दिन सोमवार हो और संध्या काल होना चाहिये । ज्योतिषशास्त्र में चन्द्रमा से सम्बन्धित वस्तुओं के दान के लिए महिलाओं को सुपात्र बताया गया है अत: दान किसी महिला को ही दें ।।

आपका चन्द्रमा कमज़ोर है तो आपको सोमवार के दिन व्रत करना चाहिए । गाय को गूंथा हुआ आटा खिलाना चाहिए तथा कौए को भात और चीनी मिलाकर खिलाना चाहिए । किसी ब्राह्मण अथवा गरीब व्यक्ति को दूध में बना हुआ खीर खिलाना चाहिए ।।

सेवा धर्म से भी चन्द्रमा की दशा में सुधार होता है । सेवा धर्म से आप चन्द्रमा की दशा में सुधार करना चाहते है तो इसके लिए आपको माता और माता समान महिला एवं वृद्ध महिलाओं की सेवा करनी चाहिए ।।

चन्द्रमा से पीड़ित व्यक्ति को देर रात्रि तक नहीं जागना चाहिए । रात्रि के समय घूमने-फिरने तथा यात्रा से बचना चाहिए । रात्रि में ऐसे स्थान पर सोना चाहिए जहाँ पर चन्द्रमा की रोशनी आती हो ।।

ऐसे व्यक्ति के घर में दूषित जल का संग्रह नहीं होना चाहिए । वर्षा का पानी काँच की बोतल में भरकर घर में रखना चाहिए । वर्ष में एक बार किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान अवश्य करना चाहिए ।।

सोमवार के दिन मीठा दूध नहीं पीना चाहिए । सफेद सुगंधित पुष्प वाले पौधे घर में लगाकर उनकी देखभाल करनी चाहिए । इससे दूषित चन्द्रमा भी जातक को अपनी दशा में शुभ फल प्रदान करता है ।।

ध्यान रखें, कि अगर चन्द्रमा दूषित हो तो अथवा चन्द्रमा कमज़ोर या पीड़ित हो तो व्यक्ति को प्रतिदिन दूध नहीं पीना चाहिए । स्वेत वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए । सुगंध नहीं लगाना चाहिए और चन्द्रमा से सम्बन्धित रत्न नहीं पहनना चाहिए ।।

चन्द्र ग्रह शांति हेतु इस मन्त्र  “ऊँ श्रां श्रीं स: सोमाय नम: स्वाहा:” का सफेद वस्त्र धारण करके ताम्र पात्र में जल भरकर वायव्य कोण अर्थात पूर्व दक्षिण की तरफ मुख करके एक माला जप करें । उसके उपरान्त ताम्र पात्र का जल पी लें ।।

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