पञ्चांग 01 अप्रैल 2021 दिन गुरुवार।।

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Panchang 01 April 2021
Panchang 01 April 2021

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 01 अप्रैल 2021 दिन गुरुवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 01 April 2021

आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 01 अप्रैल 2021 दिन गुरुवार।।
Aaj ka Panchang 01 April 2021.

विक्रम संवत् – 2077.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – प्रमादी.

शक – 1941.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – बसन्त.

मास – चैत्र.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – फाल्गुन कृष्ण पक्ष.

Panchang 01 April 2021

तिथि – चतुर्थी 11:01 AM बजे तक उपरान्त पञ्चमी तिथि है।।

नक्षत्र – विशाखा 07:22 AM तक उपरान्त अनुराधा नक्षत्र है।।

योग – वज्र 06:14 AM तक उपरान्त सिद्धि योग है।।

करण – बालव 11:01 AM तक उपरान्त कौलव 21:36 PM तक उपरान्त तैतिल करण है।।

चन्द्रमा – तुला राशि पर 01:57 AM तक उपरान्त वृश्चिक राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:33:51

सूर्यास्त – सायं 18:50:47

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 13:30 बजे से 15:00 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.33 बजे से 12.57 बजे तक।।

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चतुर्थी तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।।

इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

मित्रों, ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

Panchang 01 April 2021

अनुराधा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म अनुराधा नक्षत्र में हुआ है तो आपका अधिकाँश जीवन विदेशों में ही बीतेगा। परन्तु अच्छी बात यह है, कि विदेशों में रहकर आप अधिक धन कमाएंगे और समाज में मान सम्मान प्राप्त करेंगे। आप बहुत साहसी एवं कर्मठ व्यक्तित्व के स्वामी होंगे। परिस्थितियों की मार के सामने आप झुकने वालों में से नहीं होंगे। आप चुपचाप बिना रुके और बिना थके निरंतर आगे बढ़ते ही रहेंगे।।

आप बहुत दृढ इच्छाशक्ति एवं तीक्ष्ण बुद्धि के मालिक हैं। अनुराधा नक्षत्र में जन्मा जातक भ्रमणशील प्रवृत्ति का होता है। आप खाने पीने के बहुत अधिक शौक़ीन होंगे। इसलिए अधिकतर समय आप स्वादिष्ट व्यंजनों की ही खोज में रहेंगे। सब कुछ होते हुए भी जीवन में कभी-कभी ऐसा समय भी आएगा की आप धन की कमी महसूस करेंगे। जन्म स्थान से पृथक होने का दुःख भी यदा-कदा सताता रहेगा।।

परन्तु आप बहुत मेहनती होंगे और शारीरिक श्रम से कभी नहीं घबरायेंगे। इसलिए बहुत जल्द ही घटनाओं से उबरने की कोशिश करते है। अनुराधा नक्षत्र में जन्मी महिलाएं भी खाने की बेहद शौक़ीन होती हैं। साथ ही सामान्य से अधिक भोजन करने और पचाने में सक्षम होती है। स्वभाव से भ्रमणशील परन्तु झगडालू प्रवृत्ति होने के कारण कभी कभी क्रूरतापूर्वक व्यवहार भी करती हैं।।

अनुराधा नक्षत्र में जन्मी महिलाओं के सुंदर बाल उनकी पहचान के संकेत हैं। अनुराधा नक्षत्र में जन्मा जातक पेट और गले से सम्बंधित रोग से ग्रसित होता है। अनुराधा नक्षत्र में जन्मी स्त्रियों में मासिक धर्म से जुडी समस्याएं ज्यादातर देखी गयी है।।

प्रथम चरण:- अनुराधा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक उतावले स्वभाव का होता है। सूर्य लग्न स्वामी मंगल का मित्र है। परन्तु लग्न नक्षत्र स्वामी का शत्रु है। अतः सूर्य की दशा मिश्रित फल देगी। शनि की दशा में भौतिक रूप से उन्नति होगी। लग्नेश मंगल की दशा अत्यंत शुभ फल देगी।।

द्वितीय चरण:- अनुराधा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध होता है। इस नक्षत्र में जन्मा जातक धार्मिक स्वभाव का होता है। बुध लग्न स्वामी मंगल का शत्रु ग्रह है। बुध में शनि का अंतर एवं शनि में बुध का अंतर शुभ फलदायी होगा। परन्तु शनि में मंगल या मंगल में शनि का अंतर अशुभ फल देनेवाला होता है। मंगल की दशा में ऐसा जातक उन्नति ही करता है।।

तृतीय चरण:- अनुराधा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक दीर्घायु प्राप्त करता है। अनुराधा नक्षत्र के तीसरे चरण का स्वामी शुक्र है जो शनि का शत्रु है परन्तु मंगल का मित्र है। फलतः शुक्र की दशा माध्यम फलदायी होगी। शनि की दशा में पराक्रम बढेगा तथा भौतिक उपलब्धियों की प्राप्ति होगी। मंगल की दशा अत्यंत उत्तम फल देनेवाली होती है।।

चतुर्थ चरण:- अनुराधा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी मंगल होता है। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक प्रायः नपुंसक होता है। अनुराधा नक्षत्र के चौथे चरण का स्वामी मंगल है तथा लग्न स्वामी भी मंगल है। अतः मंगल की दशा-अन्तर्दशा जातक को उत्तम फल देती है। शनि की दशा माध्यम फल देगी क्योंकि शनि और मंगल में शत्रुता है।।

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गुरुवार शॉपिंग के लिये अच्छा दिन माना जाता है।।

गुरुवार का विशेष – गुरुवार के दिन तेल मर्दन करने से धन एवं यश की हानि होती है – (मुहूर्तगणपति)।।

गुरुवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से तथा सर के बाल धोना, कपड़े धुलना अथवा धोबी के घर डालना, घर-आँगन की गोबर आदि से लिपाई करना इस प्रकार के कार्य नहीं करने चाहियें इससे धन एवं पूण्य की हानी होती है और लक्ष्मी घर छोड़कर चली जाती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

महिलाओं की जन्मकुंडली में बृहस्पति पति का कारक ग्रह होता है। साथ ही बृहस्पति ही संतान का कारक ग्रह भी होता है। इसलिये बृहस्पति ग्रह अकेले ही स्त्री के संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है। अतः बृहस्पतिवार को सिर धोना बृहस्पति को कमजोर बनाता है जिससे कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव में कमी आती है। इसी कारण से इस दिन बाल धोना या कटवाना भी नहीं चाहिए। इसका असर संतान और पति के जीवन पर पड़ता है और उनकी उन्नति बाधित होती है।।

वास्तु अनुसार घर के ईशान कोण का स्वामी गुरु होता है। ईशान कोण का संबंध परिवार के नन्हे सदस्यों यानी कि बच्चों से होता है। साथ ही घर के पुत्र संतान का संबंध भी इसी कोण से ही होता है। ईशान कोण धर्म और शिक्षा की दिशा है इसलिये घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोना, कबाड़ घर से बाहर निकालना, घर को धोना या पोछा लगाना इत्यादि घर के ईशान कोण को कमजोर करता है। उससे घर के बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर गुरु का शुभ प्रभाव कम होता है।।

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गुरुवार भगवान लक्ष्मी नारायण का दिन होता है। इसलिये इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से जीवन में अपार खुशियाँ आती है। इस दिन लक्ष्मी और नारायण का एक साथ पूजन करने से पति-पत्नी के बीच कभी दूरियाँ नहीं आती है साथ ही धन की वृद्धि भी होती है। जन्मकुंडली में गुरु ग्रह के प्रबल होने से उन्नति के रास्ते आसानी से खुलते हैं। परन्तु यदि गुरु ग्रह को कमजोर करने वाले कार्य किए जाए तो प्रमोशन होने में भी रुकावटें आती है।।

गुरुवार को गुरु ग्रह को कमजोर किए जाने वाले काम करने से धन की वृद्धि रुक जाती है। जैसे – सिर के बाल धोना, भारी कपड़े धोना, बाल कटवाना, शेविंग करवाना, शरीर के बालों को साफ करना, फेशियल करना, नाखून काटना, घर से मकड़ी के जाले साफ करना, घर के उन कोनों की सफाई करना जिन कोनों की रोज सफाई नहीं की जाती हो। ये सभी काम गुरुवार को करने से धन हानि होता है तथा तरक्की रुक जाती है।।

दिशाशूल – गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो दही खा कर यात्रा कर सकते है।।

गुरुवार के दिन ये विशेष उपाय करें – गुरु धन एवं प्रतिष्ठा का कारक ग्रह होता है। जिस व्यक्ति पर गुरु की कृपा होती है उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है। गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान ध्यान करें और घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें बिगड़े काम भी बन जायेंगे।।

Panchang 01 April 2021

बृहस्पतिवार को जिनका जन्म होता है, वह व्यक्ति विद्या एवं धन से युक्त होता है अर्थात ये ज्ञानी और धनवान होते हैं। ये विवेकशील होते हैं और शिक्षण को अपना पेशा बनाते हैं। ये लोगों के सम्मुख आदर और सम्मान के साथ प्रस्तुत होते हैं तथा उच्च स्तर के सलाहकार भी होते हैं। गुरुवार में जन्मे जातक सभ्य, खिलते रंग के, सुशील एवं मधुर स्वभाव के होते हैं तथा धर्म के प्रति सचेत होते हैं।।

ये सभी सद्गुणों से संपन्न होने के वजह से किसी के साथ विश्वासघात नहीं करते हैं। ऐसे लोग किसी का हक नहीं मारते तथा न्याय के प्रति सजग होते हैं। यह सफल राजनीतिज्ञ, न्यायधीश, क्लर्क, प्रकाशक एवं धर्मगुरु आदि के रूप में सफल होते हैं। गुरुवार को जन्मं लेने वाले व्यसक्ति बेहद मिलनसार और मधुर स्व भाव के होते हैं। ये जीवन को उत्सफव की तरह जीते हैं इसलिए हमेशा खिले-खिले रहते हैं।।

ऐसे व्यक्ति धर्म में विशेष रुचि रखने वाले होते हैं। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण ये कभी किसी के साथ विश्वाससघात नहीं कर सकते हैं। यह किसी का हक भी नहीं मारते, न्याय के प्रति सजग होते हैं। इनको अपने जीवन में सफलता हेतु धर्मगुरु, राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, प्रकाशक एवं न्यायधीश आदि के क्षेत्र में भाग्य आजमाना चाहिये। इनका शुभ दिन मंगलवार और बृहस्पितिवार तथा शुभ अंक 4 होता है।।

आज का विचार – मित्रों, हम अपनी पिछली गलतियों से सबक लेकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। परन्तु याद रहे कि होशियार लोग अपनी गलती से लेते हैं, जबकि ज्यादा होशियार लोग दूसरों की गलतियों से गलतियों को दुहराना सीखते हैं। इसलिये अपनी गलतियों को सुधारना ही व्यक्ति में इंसानियत लाता है।।

Panchang 01 April 2021

जन्मकुण्डली के अनुसार आपके जीवन में धन कैसे और कब आयेगा ?।।…. आज के इस लेख को पूरा पढने के लिये इस लिंक को क्लिक करें….. वेबसाईट पर पढ़ें:  &  ब्लॉग पर पढ़ें:

“गुरु की महादशा में गुरु अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में शनि अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में बुध अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

ज्योतिष के सभी पहलू पर विस्तृत समझाकर बताया गया बहुत सा हमारा विडियो हमारे YouTube के चैनल पर देखें । इस लिंक पर क्लिक करके हमारे सभी विडियोज को देख सकते हैं – Watch YouTube Video’s.

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Panchang 01 April 2021

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