पञ्चांग 23 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।

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Panchang 14 September 2021
Panchang 14 September 2021

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 23 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 23 November 2021

आज का पञ्चांग 23 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।
Aaj ka Panchang 23 November 2021.

विक्रम संवत् – 2078.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – आनन्द.

शक – 1943.

अयन – दक्षिणायन.

गोल – उत्तर.

ऋतु – शरद.

मास – मार्गशीर्ष.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – कार्तिक कृष्ण पक्ष.

Panchang 23 November 2021

तिथि – चतुर्थी 24:56 PM बजे तक उपरान्त पंचमी तिथि है।।

नक्षत्र – आर्द्रा 13:44 PM तक उपरान्त पुनर्वसु नक्षत्र है।।

योग – साध्य 06:45 AM तक उपरान्त शुभ योग है।।

करण – बव 11:44 AM तक उपरान्त बालव करण है।।

चन्द्रमा – मिथुन राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:53:38

सूर्यास्त – सायं 17:54:55

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक।।

शुभ मुहूर्त – दोपहर 12.11 बजे से 12.35 बजे तक।।

Panchang 23 November 2021

चतुर्थी तिथि विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।।

इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

मित्रों, ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।।

Panchang 23 November 2021

आर्द्रा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म आर्द्रा नक्षत्र में हुआ है तो आपकी रूचि अध्ययन में बहुत अधिक होगी। आप सदैव ही अपने आस-पास की घटनाओं के बारे में जागरूक रहते हैं। किताबों से विशेष लगाव आपकी पहचान है। एक और विशेषता जो की आर्दा नक्षत्र में पैदा हुए जातकों में अक्सर देखी गयी है वह है उनकी व्यापार करने की समझ। अपनी तीक्ष्ण व्यापारिक बुद्धि के कारण आप व्यापार क्षेत्र में शीघ्र ही सफलता की उचाईयों को छू लेने में सक्षम होते है।।

आपमें भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं का पूर्वाभास करने की अजब क्षमता होती है। दूसरों की मन की बात भी आप आसानी से भांप लेते हैं। इसलिए जीवन में धोखा खाने की संभावनाएं कम ही रहती है। मीठी और रसीली बातें आपके व्यवहार में होती हैं। इसलिए व्यापारिक संस्थाओं में अधिकतर जनसंपर्क के पद के लिए आपको चुना जाता है। परन्तु कड़े अनुशासन में रहना आप के बस की बात नहीं होती है।।

जहाँ आपसे किसी के दिल की बात छुपी नहीं रहती वहीँ आप अपने दिल की बात की किसी की भनक भी नहीं लगने देते। आप एक अन्तर्मुखी व्यक्ति होंगे जो शीघ्र ही किसी के सामने आपने दिल की बात नहीं रखते। कभी-कभी आप रहस्यवादी बन जाते हैं जिसके मन की थाह पाना बहुत कठिन होता है। आप दिमाग से अधिक दिल की सुनने वाले व्यक्ति हैं।।

आप अक्सर सुनते सभी की हैं परन्तु करते केवल अपने मन की हैं। इस कारण आपको कभी-कभी नुकसान भी उठाना पड़ जाता है। आप धन खर्च करने से पहले सोच विचार नहीं करते इस कारण जीवन में अधिकतर आप धन की कमी महसूस करते हैं। आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे जातक स्वभाव से क्रोधी एवं अभिमानी होते हैं। आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे जातकों को अस्थमा, दमा एवं डिप्थेरिया जैसी बीमारियों के शिकार होते हैं।।

प्रथम चरण:- आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहू को माना जाता है। राहू की दशा 18 वर्ष की होती हैं। इसके प्रथम चरण का स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। राहु और बृहस्पति की युति के कारण गुरु चंडाल योग बनता है। अतः इस योग में जन्मा जातक बहुत धन खर्च करने वाला व्ययी होता है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देगी तथा आपका भाग्योदय बृहस्पति की दशा में होगा।।

द्वितीय चरण:- आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहू को माना जाता है। राहू की दशा 18 वर्ष की होती हैं। इसके द्वितीय चरण का स्वामी ग्रह शनि हैं। जो स्वल्प धनि है, राहु भी स्वलप धनि है अतः दोनों के योग के कारण जातक अपने जीवन काल में दरिद्रता का शिकार हो जाता है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देगी तथा आपका भाग्योदय बृहस्पति और शनि की दशा में होगा।।

तृतीय चरण:- आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहू को माना जाता है। राहू की दशा 18 वर्ष की होती हैं। इसके तृतीय चरण का स्वामी ग्रह भी शनि हैं। शास्त्रों के अनुसार आर्दा नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मे जातकों की आयु सामान्यतः कम होती है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देगी। राहु भी शुभ फल देगा। तथा शनि की दशा में जातक का भाग्योदय होगा।।

चतुर्थ चरण:- आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहू को माना जाता है। राहू की दशा 18 वर्ष की होती हैं। इसके चतुर्थ चरण का स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं। राहु और बृहस्पति की युति के कारण गुरु चंडाल योग बनता है। अतः इस योग में जन्मे जातक में चोरी करने की आदत पड़ जाती है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देगी। राहु भी शुभ फल देगा।।

Panchang 23 November 2021

मंगलवार को नए कपड़े न ही खरीदना चाहिये और न ही पहली बार पहनना चाहिए। मंगलवार वाहन एवं भूमि-भवन आदि भी नहीं खरीदना चाहिये।।

मंगलवार का विशेष – मंगलवार के दिन तेल मर्दन (शरीर में तेल मालिश) करने से आयु घटती है – (मुहूर्तगणपति)।।

मंगलवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से भी आयु की हानि होती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।।

मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी या बाल काटने या कटवाने से उम्र कम होती है। अत: मंगलवार को बाल या दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए। मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।।

मंगलवार को यथासंभव कोशिश करके मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी/लाल पेड़े या गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत एवं नज़र की बाधा से बचाव होता है साथ ही आपके समस्त शत्रु परास्त होते है।।

मंगलवार के व्रत से सुयोग्यह संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।।

Panchang 23 November 2021

मंगलवार को जिनका जन्म होता है, वो जातक स्वभाव से उग्र, साहसी, प्रयत्नशील एवं महत्वाकांक्षी होते हैं। इनमें नेतृत्व की क्षमता अन्यों के मुकाबले बहुत अधिक होती है। ऐसे लोग जिम्मेदा‍‍रियों के कार्य में सफल भी होते हैं। खिलाड़ी, पहलवान, सेना तथा पुलिस विभाग में सफल रहते हैं। यह जातक अधिकांशतः रक्तवर्ण या गेहूंआ रंग होता है।।

मंगलवार को जन्म लेनेवाला जातक जटिल बुद्धि वाला होता है। ये किसी भी बात को आसानी से नहीं मानते हैं। ऐसे लोग शक्की किस्म के होते हैं इसलिये सभी बातों में इन्हें कुछ न कुछ खोट दिखाई देता है। ये युद्ध प्रेमी और पराक्रमी होते हैं तथा अपनी बातों पर कायम रहने वाले होते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे जातक हिंसा पर भी उतर आते हैं। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता है कि ये अपने कुटुम्ब का पूरा ख्याल रखते हैं।।

मंगलवार को जन्मे लेने वाले व्य्क्ति स्वेभावानुसार क्रोधी, उग्र, पराक्रमी, जुझारू, अदम्यa साहसी, आलोचना सहन न करने वाले और सांगठवनिक क्षमता वाले होते हैं। नेतागिरी, पुलिस, सेना, नौकरशाह तथा खिलाड़ी के रूप में इनका कैरियर अधिक सफल रहता है। इनका शुभ अंक 3, 6, 9 तथा शुभ रंग लाल एवं मैरून और इनका शुभ दिन मंगलवार एवं शुक्रवार होता है।।

Panchang 23 November 2021

मंगलवार का विशेष टिप्स – यदि आपके जीवन में कभी अचानक ज्यादा खर्च की स्थिति बन जाय, तो किसी भी मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में गुड़-चने का भोग श्रद्धापूर्वक लगाएं। भोग लगाने के बाद वहीँ बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।।

मंगलवार के दिन ये विशेष उपाय करें – मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाना, चमेली के तेल का ही दीपक जलाना तथा माखन का भोग लगाना चाहिये, इससे हर प्रकार की मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

आज का सुविचार – मित्रों, दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 100 कि.ग्रा. अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता। जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना, अगर ये याद रखेंगे तो कभी नीचा नही देखना पड़ेगा।।

Panchang 23 November 2021

अरिष्ट अर्थात एक्सिडेन्ट एवं चोट आदि लगने के योग ।।….. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

“शुक्र की महादशा में शुक्र अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

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Panchang 23 November 2021

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