पञ्चांग 24 मार्च 2021 दिन बुधवार।।

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बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 24 मार्च 2021 दिन बुधवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 24 March 2021

आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 24 मार्च 2021 दिन बुधवार।।
Aaj ka Panchang 24 March 2021.

विक्रम संवत् – 2077.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – प्रमादी.

शक – 1941.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – बसन्त.

मास – फाल्गुन.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – फाल्गुन शुक्ल पक्ष.

Panchang 24 March 2021

तिथि – दशमी 10:24 AM बजे तक उपरान्त एकादशी तिथि है।।

नक्षत्र – पुष्य 23:12 PM तक उपरान्त आश्लेषा नक्षत्र है।।

योग – अतिगण्ड 11:41 PM तक उपरान्त सुकर्मा योग है।।

करण – गर 10:24 AM तक उपरान्त वणिज 22:12 PM तक उपरान्त विष्टि करण है।।

चन्द्रमा – कर्क राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:40:28

सूर्यास्त – सायं 18:49:18

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 12:00 बजे से 13:30 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.33 बजे से 12.57 बजे तक।।

Panchang 24 March 2021

दशमी तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। एकादशी को चावल और दाल नहीं खाना चाहिए। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। पूर्णा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन और धर्म प्रदान करने वाली तिथि माना जाता है। इस तिथि में वाहन खरीदना एवं सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये अत्यंत शुभ माना जाता है।।

दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।

दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।

Panchang 24 March 2021

पुष्य नक्षत्र  के जातकों का  गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म पुष्य नक्षत्र में हुआ है तो आपमें नित नए काम करने की प्रवृत्ति बनी रहेगी। हर बार नए काम की खोज और परिवर्तन आपसे अधिक परिश्रम भी कराएगा। कठिन परिश्रम करने पर भी आपको सफलता आसानी से नहीं मिलेगी और फल प्राप्ति में अक्सर देरी हो जाती है। परन्तु आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपकी बुद्धि बहुत तेज़ है और आगे बढ़ने के रास्ते भी खोज लेती है। आपके स्वभाव में भावुकता अधिक होने के कारण किसी भी कार्य की गहराई तक आप नहीं पहुँच पाते हैं।।
अधिक भावुकता के कारण आप एक अच्छे और सच्चे प्रेमी होते हैं। किसी भी सम्बन्ध को बीच में छोड़ना आपकी प्रकृति में नहीं है। आप किसी से प्रेम करेंगे तो पूरे तन मन धन से उसके हो जायेंगे। इसी प्रकार आप दोस्ती भी निभाएंगे। मित्रों को सहयोग देने में आप कभी पीछे नहीं हटते और न ही अपने स्वार्थ की चिंता करते है। आप स्वभाव से चंचल होंगे तथा जलप्रिय होने के कारण आपको तैरना भी बहुत पसंद होगा।।
 
पुष्य नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति सचेत रहता है और अथक प्रयासों द्वारा शीघ्र ही अपनी मंजिल पा लेता है। आप अति साहसी किन्तु अति भावुक भी होते हैं। तीव्र बुद्धिशाली और बुद्धि के मामलों में आप किसी पर विश्वास नहीं करते। वाकपटुता एवं बातों ही बातों में सामने वाले को मोहित करके अपना काम निकलवाना आपको आपको भली भाँती आता है।।

चन्द्रमा की चाँदनी आपको बहुत अधिक आकर्षित करती है। कल्पनाशील होने के कारण आप एक अच्छे लेखक, सुन्दर कवी, महान दार्शनिक एवं उच्च कोटि के साहित्यकार एवं भविष्यवक्ता भी हो सकते हैं। आप मन से शांत एवं धार्मिक स्वभाव के होंगे। अपने क्षेत्र के पंडित एवं विद्वान् होने के साथ-साथ भाग्यशाली और धनि भी होंगे। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है परन्तु इसके गुण गुरु तुल्य बताये गये है। ईश्वर में पूर्ण आस्था, भाई बहनों से स्नेहपूर्ण सम्बन्ध एवं अपने से बड़ो का आदर सम्मान आपके स्वभाव में होगा।।

पुष्य नक्षत्र में जन्मी महिलाएं भी बहुत धार्मिक विचारों वाली होती हैं। हर प्रकार के कार्यों में रूचि दिखाना इनके स्वभाव में होता है। यह विशाल ह्रदय वाली तथा दयाभाव रखने वाली होती हैं। पुष्य नक्षत्र में जन्मे जातक हमेशा अभ्यासी पाए जाते हैं। इनको फेफड़ों एवं छाती से सम्बंधित रोग, कफ, पीलिया आदि होने की संभावनायें होती है।।

प्रथम चरण:- पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा व्यक्ति भाग्यशाली होता है एवं यात्राओं द्वारा धन अर्जित करता है। अपनी प्रतिभा के कारण उच्च वाहन, विशाल भवन, पद एवं प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है।।

द्वितीय चरण:- पुष्य नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी बुध हैं। पुष्य नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्मा व्यक्ति एक से अधिक स्रोतों से धन अर्जित करता है। अपनी वाक्पटुता के कारण पक्ष विपक्ष दोनों से ही मधुर सम्बन्ध बना कर रखता है।।

तृतीय चरण:- पुष्य नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी शुक्र देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा व्यक्ति विद्यावान होता है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर कई शैक्षणिक उपाधियाँ प्राप्त करता है। ऐसा जातक जिस भी कार्य में हाथ डालता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।।

चतुर्थ चरण:- पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण का स्वामी मंगल देवता हैं। पुष्य नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा व्यक्ति धार्मिक स्वभाव वाला होता है। अतः जातक धार्मिक और परोपकारी कार्यों में पूर्ण रूचि दिखाते हैं। ऐसा जातक जिस भी कार्य में हाथ डालता है उसे सफलता अवश्य मिलती है।।

Panchang 24 March 2021

आज बुधवार के दिन ये विशेष उपाय करें – बुधवार गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी का दिन है। इसलिये आज के दिन इनकी पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज के दिन गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

बुधवार का विशेष – बुधवार के दिन तेल मर्दन अथवा मालिश करने से माता लक्ष्मी प्रशन्न होती हैं और धनलाभ होता है – (मुहूर्तगणपति)।।

बुधवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से धन एवं पूण्य का लाभ होता है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 24 March 2021

मित्रों, बुधवार को जन्म लेने वाले व्यक्ति मधुर वाणी बोलने वाले होते हैं। इस तिथि के जातक पठन पाठन में रूचि रखते हैं और ज्ञानी होते हैं। ऐसे लोगों का लेखन में अत्यधिक रूचि होती है और अधिकांशत: इसे अपनी जीवका का साधन भी बना लेते हैं। ये जिस विषय का चयन करते हैं उसके अच्छे जानकार होते हैं। इनके पास धन तो होता है परंतु ऐसे लोग धोखेबाज भी होते हैं।।

ऐसे जातक सामन्य रंग-रूप, बुद्धिमान, लेखक, पत्रकार, प्रकाशक एवं द्विस्वभाव के होते हैं। किसी एक कार्य को न कर अनेक कार्य में जुटे होते हैं। वैसे शान्तिप्रिय रहना इनका स्वभाव होता है। अधिकांशतः मार्केटिंग के क्षेत्र में ऐसे लोगों को उत्तम सफलता मिलती है। बुधवार को जन्म लेने वाले हमेशा असमंजस के शिकार रहते हैं। वह एक समय कई कार्यों पर हाथ आजमाने की कोशिश करते हैं, कई बार सफलता मिल भी जाती है और कई बार गिरते भी हैं।।

इनमें छल-कपट नहीं होता और कई बार तो ये दूसरों की गलतियां खुद पर तक ले लेते हैं। इनको लेखन, पत्रकारिता, प्रकाशन, बैंकिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में अपना किस्मत आजमाना चाहिये। इन क्षेत्रों में इन्हें अच्छी सफलता की संभावना होती है। इनके लिये बुधवार एवं शुक्रवार का दिन भाग्यवर्धक होता है तथा 3 और 6 इनका लकी नम्बर होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा “आप” शब्द का, उसके बाद “हम” शब्द का और सबसे कम “मैं” शब्द का प्रयोग करना चाहिए। इस संसार में कोई किसी का हमदर्द नहीं होता, लाश को शमशान में रखकर अपने लोग ही पुछ्ते हैं.. और कितना वक़्त लगेगा।।

Panchang 24 March 2021

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“मंगल की महादशा में सूर्य अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“मंगल की महादशा में चंद्रमा अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

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Panchang 24 March 2021

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