पञ्चांग 27 नवम्बर 2021 दिन शनिवार।।

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बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 27 नवम्बर 2021 दिन शनिवार।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 27 November 2021

आज का पञ्चांग 27 नवम्बर 2021 दिन शनिवार।।
Aaj ka Panchang 27 November 2021.

विक्रम संवत् – 2078.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – आनन्द.

शक – 1943.

अयन – दक्षिणायन.

गोल – उत्तर.

ऋतु – शरद.

मास – मार्गशीर्ष.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – कार्तिक कृष्ण पक्ष.

Panchang 27 November 2021

तिथि – सप्तमी 05:44 AM बजे तक उपरान्त अष्टमी तिथि है।।

नक्षत्र – मघा 21:43 PM तक उपरान्त पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है।।

योग – ऐन्द्र 07:36 AM तक उपरान्त वैधृति योग है।।

करण – बव 05:44 AM तक उपरान्त बालव 17:58 PM तक उपरान्त कौलव करण है।।

चन्द्रमा – सिंह राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:56:11

सूर्यास्त – सायं 17:54:50

राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।।

विजय मुहूर्त (शुभ) – दोपहर 12.14 बजे से 12.38 बजे तक।।

Panchang 27 November 2021

अष्टमी तिथि विशेष – अष्टमी को नारियल एवं नवमी को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) त्याज्य होता है। अष्टमी तिथि बलवती एवं व्याधि नाशक तिथि मानी जाती है। इस तिथि के देवता भगवान शिव जी माने जाते हैं। इसलिये इस तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए।।

कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है। जया नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।।

मंगलवार को छोड़कर बाकि किसी दिन की भी अष्टमी शुभ मानी गयी है परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है, इसलिये भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।

मित्रों, अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।।

Panchang 27 November 2021

मघा नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म मघा नक्षत्र में हुआ है तो आप ठिगने कद के साथ सुदृढ वक्षस्थल और मजबूत जंघाओं के मालिक हैं। आपकी वाणी थोड़ी कर्कश एवं गर्दन थोड़ी मोटी हो सकती है। मघा नक्षत्र में जन्म लेने वालों की आँखें विशेष चमक लिए हुए होती हैं। चेहरा शेर के समान भरा हुआ एवं रौबीला होता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति प्रायः अपने पौरुष और परुशार्थ के प्रदर्शन के लिए सदा ललायित रहते हैं। मघा नक्षत्र के जातकों को अपने रौबिलेपन को बढाने के लिए शानदार मूंछे रखने का शौक होता है।।

ऐसे लोग थोडा अभिमानी भी होते है और इसीलिए किसी की छोटी से छोटी बात पर भी शीघ्र ही नाराज़ भी हो जाते हैं। नाराज़गी में सामने वाले को नीचा दिखाने के लिए अपनी बलशाली शक्ति और मर्दानगी का दुरूपयोग करने से भी नहीं हिचकिचाते। मघा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति परम तेजस्वी होता है। आप स्वभाव से बहुत धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। देवताओं और पितरों को पूजे बिना कोई कार्य आरम्भ नहीं करते हैं।।

मघा नक्षत्र में जन्मी कन्याएं बहुमूल्य पकवान बनाना पसंद करती हैं। स्वादिष्ट पकवान एवं सुंदर और आकर्षक वस्त्रों की शौक़ीन होती हैं। मघा नक्षत्र की महिलाएं हर प्रकार के सुख सुविधा का भोग करती हैं। माता पिता और बड़ों का आदर सम्मान प्राकृतिक रूप से आपके व्यवहार में ही होता है। परन्तु ऐसी जातिकाएं ईश्वर और पितरों से डरने वाली होती है।।

मघा नक्षत्र में जन्मे लोगों की आयु यदि लम्बी हो तो जातक अत्यधिक धनवान होता है। परन्तु ऐसे लोगों को हार्ट अटैक, फ़ूड पोइस्निंग, पीठ का दर्द, किडनी सम्बन्धी समस्याएं होने की संभावनायें होती हैं।।

प्रथम चरण:- मघा नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल हैं। यहाँ लग्न स्वामी, नक्षत्र स्वामी और नक्षत्र चरण स्वामी सभी में परम शत्रुता होती है। इसलिए मघा नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मा व्यक्ति अल्प पुत्र अर्थात संतति वाला होता है। लग्न बलि न हो तो जातक का विकास कार्य रुका हुआ रहता है। साथ ही सूर्य की दशा कमज़ोर फल देने वाली होती है।।

द्वितीय चरण:- मघा नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र हैं। मघा नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्मा व्यक्ति तेजस्वी पुत्र अर्थात संतति वाला होता है। लग्नेश सूर्य की दशा उत्तम फलदायी होती है। मंगल की दशा भाग्योदय कारक होती है एवं शुक्र की दशा में पराक्रम बढता है।।

तृतीय चरण:- मघा नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध हैं। मघा नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्मा व्यक्ति प्रायः रोगी होता है। जातक को संक्रामक रोग शीघ्र ही पकड लेते हैं। लग्नेश सूर्य की दशा उत्तम फलदायी होती है। मंगल की दशा भाग्योदय कारक होती है एवं धन प्राप्ति के योग बुध की दशा में प्रबल बनेंगे।।

चतुर्थ चरण:- मघा नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी सूर्य हैं। मघा नक्षत्र के चौथे चरण में जन्मा व्यक्ति अपने क्षेत्र का विद्वान् पंडित होता है। लग्नेश सूर्य की दशा उत्तम फल फलदायी होती है। मंगल की दशा भाग्योदय कारक होती है।।

Panchang 27 November 2021

शनिवार को जूते-चप्पल, लोहे की बनी वस्तुयें, नया अथवा पुराना भी वाहन नहीं खरीदना चाहिये एवं नए कपड़े न खरीदना और ना ही पहली बार पहनना चाहिये।।

शनिवार का विशेष – शनिवार के दिन तेल मर्दन “मालिश” करने से हर प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती हैं – (मुहूर्तगणपति)।।

शनिवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से आयुष्य की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।।

दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

Panchang 27 November 2021

जिस व्यक्ति का जन्म शनिवार को होता है उस व्यक्ति का स्वभाव कठोर होता है। ये पराक्रमी एवं परिश्रमी होते हैं तथा इनके ऊपर दु:ख भी आये तो ये उसे भी सह लेना जानते हैं। ये न्यायी एवं गंभीर स्वभाव के होते हैं तथा सेवा करना इन्हें काफी पसंद होता है।।

शनिवार को जन्म लेनेवाले जातक कुछ सांवले रंग के, साहसी, मैकेनिक अथवा चिकित्सक होते हैं। इनमें से कुछ अपने कार्य में सुस्त भी होते हैं, जैसे देर से जागना, देर तक सोना भी इनकी आदतों में शुमार होता है। पारिवारिक जिम्मेदारियां भी अधिक रहती है इसलिये ये एक मेहनतकश इंसान होते हैं। सफलता के मार्ग में रूकावटों का भी सामना करना पड़ता है।।

शनिवार को जन्मलेनेवाले जातकों के स्वाभाव में साहस लक्षित होता है। सफलता के मार्ग में लाख रुकावटें आए, लेकिन ये इसे पार करके ही रहते हैं। ऐसे लोग अधिकांशतः सांवले रंग के होते हैं। इन जातकों को अपने कैरियर के लिये डॉक्टपर, इंजीनियर तथा मैकेनिक के क्षेत्र का चयन करना चाहिये। इनका शुभ अंक 3, 6 और 9 तथा इनका शुभ दिन शनिवार और मंगलवार होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, रात लम्बी और काली हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि सुबह होगी ही नहीं। ठीक उसी तरह असफलता का दौर लम्बा हो सकता है, लेकिन इसका यह मतलब ये कतई नहीं होता कि आपको अब कभी सफलता मिलेगी ही नहीं।।

Panchang 27 November 2021

शनि देव मेहरबान हों तो इंजीनियर और चार्टर्ड एकाउंटेंट बनाते है।।…. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

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Panchang 27 November 2021

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