पञ्चांग 28 मार्च 2021 दिन रविवार।।

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Panchang 28 March 2021
Panchang 28 March 2021

बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 28 मार्च 2021 दिन रविवार।।

मित्रों, आज वैदिक सनातन धर्म का सबसे महान पर्व होलिका दहन का पर्व है। आप सभी मित्रों को वैदिक सनातन धर्म के इस महान पर्व होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनायें।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 28 March 2021

आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 28 मार्च 2021 दिन रविवार।।
Aaj ka Panchang 28 March 2021.

विक्रम संवत् – 2077.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – प्रमादी.

शक – 1941.

अयन – उत्तरायण.

गोल – दक्षिण.

ऋतु – बसन्त.

मास – फाल्गुन.

पक्ष – शुक्ल.

गुजराती पंचांग के अनुसार – फाल्गुन शुक्ल पक्ष.

Panchang 28 March 2021

तिथि – चतुर्दशी 03:28 AM बजे तक उपरान्त अमावस्या तिथि है।।

नक्षत्र – उत्तराफाल्गुनी 17:37 PM तक उपरान्त हस्त नक्षत्र है।।

योग – वृद्ध 21:50 PM तक उपरान्त ध्रुव योग है।।

करण – वणिज 03:28 AM तक उपरान्त विष्टि 13:56 PM तक उपरान्त बव करण है।।

चन्द्रमा – सिंह राशि पर 01:21 AM तक उपरान्त कन्या राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:36:56

सूर्यास्त – सायं 18:50:26

राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक।।

विजय (शुभ) मुहूर्त – दोपहर 12.32 बजे से 12.56 बजे तक।।

Panchang 28 March 2021

पूर्णिमा तिथि विशेष – पूर्णिमा को घी एवं प्रतिपदा को कुष्मांड खाना एवं दान करना दोनों वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा तिथि एक सौम्य और पुष्टिदा तिथि मानी जाती है। इसके देवता चन्द्रमा हैं तथा यह पूर्णा नाम से विख्यात है। यह शुक्ल पक्ष में ही होती है और पूर्ण शुभ फलदायी मानी गयी है।।

हमारे वैदिक सनातन धर्म में हर मास की पूर्णिमा को कोई-न-कोई व्रत-त्यौहार होता ही है। जिनकी कुण्डली में चन्द्रमा की दशा चल रही हो उसे पूर्णिमा के दिन उपवास रखना अर्थात व्रत करना चाहिये। जिनके बच्चे कफ रोगी हों अर्थात सर्दी, जुकाम, खाँसी और निमोनियाँ समय-समय पर होती रहती हो उनकी माँ को वर्षपर्यन्त पूर्णिमा का व्रत करना और चन्द्रोदय के बाद चंद्रार्घ्य देकर व्रत तोड़ना चाहिये।।

पूर्णिमा माता लक्ष्मी को विशेष प्रिय होती है। इसलिये आज के दिन महालक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से मनोवान्छित कामनाओं की सिद्धि होती है। पूर्णिमा को शिवलिंग पर शहद, कच्चा दूध, बिल्वपत्र, शमीपत्र, फुल तथा फलादि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। पूर्णिमा को शिव पूजन में सफ़ेद चन्दन में केशर घिसकर शिवलिंग पर चढ़ाने से घर के पारिवारिक एवं आन्तरिक कलह और अशान्ति दूर होती है।।

मित्रों, जिस व्यक्ति का जन्म पूर्णिमा तिथि को होता है, वह व्यक्ति पूर्ण चन्द्र की तरह आकर्षक और मोहक व्यक्तित्व का स्वामी होता है। इनकी बुद्धि उच्च स्तर की होती है। ऐसे जातक अच्छे खान पान के शौकीन होते हैं तथा ये सदा ही अपने कर्म में जुटे रहते हैं। ऐसे लोग अत्यधिक परिश्रमी होते हैं और इसी वजह से धनवान भी होते हैं। परन्तु इनमें एक बहुत बड़ी कमी ये होती है, कि ये सदैव परायी स्त्रियों पर मोहित रहते हैं।।

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मित्रों, इस वर्ष होली का पर्व हृषीकेश पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा की तिथि में मनाया जाता है। इस वर्ष यह तिथि 28 मार्च रविवार के दिन पड़ रही है। इसके बाद अगले दिन यानी 29 मार्च 2021 को रंगों की होली खेली जाएगी। होलिका दहन में भद्रा यानि भद्राकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है।। #Holika Dahan 2021

पौराणिक मान्यता के अनुसार भद्रा के समय शुभ कार्य का आरंभ और समापन नहीं किया जाता है। होली प्रेम और सौहार्द का पर्व है। होली पर होलिका दहन शुभ मुहूर्त में करने की परंपरा है। मान्यता है, कि होली का पूजन कई प्रकार की बाधाओं को दूर कर जीवन में सुख समृद्धि लाती है।।

होली दहन (Holika Dahan Ka Muhurt) के समय भद्रा काल नहीं होना चाहिये। इस वर्ष पंचांग के अनुसार 28 मार्च को भद्रा काल दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक ही रहेगा।।

होलिका दहन का मुहूर्त:- हृषीकेश पंचांग के अनुसार होलिका दहन 28 मार्च रविवार को किया गया जाएगा। आज पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन का मुहूर्त (Holika Dahan Ka Muhurt) शाम 6 बजकर 37 मिनट से रात्रि 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। हृषीकेश पंचांग के अनुसार 29 मार्च सोमवार को फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि में रंगों की होली खेली जाएगी।।

होलिका दहन को करें ये टोटके।। इस लिंक पर जाए:

Panchang 28 March 2021
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उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति युद्ध विद्या में निपुण, लड़ाकू एवं साहसी होता है। ऐसे लोग देश और समाज में अपने रौबीले व्यक्तित्व के कारण पहचाने जाते हैं। उत्तराफाल्गुनी के जातक दूसरों का अनुसरण नहीं करते अपितु लोग उनका अनुसरण करते हैं। आपमें नेतृत्व के गुण जन्म से ही होते हैं अतः आप अपना कार्य करने में खुद ही सक्षम होते हैं।।

इस नक्षत्र में जन्मा जातक दूसरों के इशारों पर चलना पसंद नहीं करता। यह लोग सिंह की भाँती अकेले ही अपना शिकार खुद करते हैं। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र जातक राजा के समान भोगी एवं पराई स्त्री में रूचि रखने वाले होते हैं। चन्द्रमा के प्रभाव में यदि हो तो जातक विद्या बुद्धि से युक्त धनी एवं भाग्यवान होता है। उत्तराफाल्गुनी के  जातक मित्र बनाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।।

ऐसे लोग मित्रों की सहायता करने तथा उनसे सहायता प्राप्त करने में भी यह संकोच नहीं करते हैं। ऐसे जातक मित्रों को बहुत महत्व देते हैं। मित्रता के सम्बन्ध में भी इनके साथ यह बातें लागू होती हैं। ये जिनसे दोस्ती करते हैं उसके साथ लम्बे समय तक मित्रता निभाते हैं। उदारता तथा दूसरों की सहायता करना आपके स्वभाव में ही  है। आप अतिथितियों के आदर सत्कार में कभी कोई कमी नहीं छोड़ते हैं।।

ऐसे लोग बुद्धिमान होने के साथ-साथ व्यवहार कुशल एवं हास्य प्रेमी भी होते हैं। अपनी इन्ही विशेषताओं के कारण आप सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने में सक्षम होते हैं। आपके लिए व्यापार एवं व्यवसाय या अन्य निजि कार्य करना लाभप्रद नहीं होता है। जो व्यक्ति उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में पैदा होते हैं वे स्थायित्व में यकीन रखते हैं। इन्हें बार-बार काम बदलना पसंद नहीं होता है। ये जिस काम में एक बार लग जाते हैं उस काम में लम्बे समय तक बने रहते हैं।।

ऐसे जातकों के स्वभाव की विशेषता होती है, कि ये स्वयं सामर्थ्यवान होते हुए भी दूसरों से सीखने में हिचकते नहीं हैं। अपने स्वभाव की इस विशेषता के कारण ये निरंतन प्रगति की राह पर आगे बढ़ते रहते हैं। उत्तराफाल्गुनी के जातक आर्थिक रूप से सामर्थवान होते हैं। क्योंकि दृढ़विश्वास एवं लगन के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने हेतु ये सदैव तत्पर रहते हैं। पारिवारिक जीवन के सम्बन्ध में देखा जाए तो ये अपनी जिम्मेवारियों का पालन अच्छी तरह से करते हैं।।

प्रथम चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी सूर्य हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक पंडित अर्थात अपने क्षेत्र का विद्वान् होता है। इसका कारक यह है, कि प्रथम चरण का नवांशेश गुरु होता है। नक्षत्र स्वामी एवं सूर्य दोनों ही विद्या के लिए शुभ ग्रह माने जाते है। दोनों का चन्द्र पर प्रभाव जातक को पंडित बनाता है। मंगल की दशा-अन्तर्दशा में जातक का भाग्योदय होता है। गुरु की दशा इनके जीवन में हर प्रकार का शुभ फल देती है।।

द्वितीय चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शनि हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक राजा या राजा समान वैभवशाली एवं पराक्रमी होता है। लग्नेश बुध की दशा उत्तम फलदायी होती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय अवश्य ही होता है।।

तृतीय चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी भी शनि हैं। इस नक्षत्र चरण में यदि चन्द्रमा भी है तो व्यक्ति हर हाल में अपने शत्रुओं पर विजयी होगा तथा प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्त करेगा। लग्नेश बुध की दशा अच्छा फल देती है। शनि अनिष्ट फल नहीं देगा अपितु शुक्र एवं शनि की दशा में जातक का भाग्योदय होता है।।

चतुर्थ चरण:- उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी गुरु हैं। इस नक्षत्र चरण में जन्मा जातक धार्मिक स्वभाव वाला, अपने संस्कारों के प्रति आस्थावान एवं सभ्य होता है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है एवं बृहस्पति की दशा उत्तम फलदायिनी होती है।।

Panchang 28 March 2021

मित्रों, आज रविवार को सुबह भगवान सूर्य को ताम्बे के एक लोटे में लाल चन्दन, गुड़ और लाल फुल मिलाकर अर्घ्य इस मन्त्र से प्रदान करें। अथ मन्त्रः- एही सूर्य सहस्रांशो तेजो राशे जगत्पते। अनुकम्प्य मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर।। अथवा गायत्री मन्त्र से भी सूर्यार्घ्य दे सकते हैं।।

इसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। भोजन में मीठा भोजन करना चाहिये नमक का परित्याग करना अत्यन्त श्रेयस्कर होता है। इस प्रकार से किया गया रविवार का पूजन आपको समाज में सर्वोच्च प्रतिष्ठा एवं अतुलनीय धन प्रदान करता है। क्योंकि सूर्य धन और प्रतिष्ठा का कारक ग्रह है।।

दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।।

रविवार का विशेष – रविवार के दिन तेल मर्दन करने से ज्वर (बुखार लगता) होता हैं – (मुहूर्तगणपति)।।

रविवार को क्षौरकर्म (बाल, दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से बुद्धि और धर्म की हानि होती है। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

विशेष जानकारी – मित्रों, रविवार के दिन, चतुर्दशी एवं अमावस्या तिथियों में तथा श्राद्ध एवं व्रत के दिन स्त्री सहवास नहीं करना चाहिये। साथ ही तिल का तेल, लाल रंग का साग तथा कांसे के पात्र में भोजन करना भी शास्त्रानुसार मना है अर्थात ये सब नहीं करना चाहिये।।

Panchang 28 March 2021

मित्रों, रविवार सप्ताह का प्रथम दिन होता है, इसके अधिष्ठात्री देव सूर्य को माना जाता है। इस दिन जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति तेजस्वी, गर्वीले और पित्त प्रकृति के होते है। इनके स्वभाव में क्रोध और ओज भरा होता है तथा ये चतुर और गुणवान होते हैं। इस दिन जन्म लेनेवाले जातक उत्साही और दानी होते हैं तथा संघर्ष की स्थिति में भी पूरी ताकत से काम करते हैं।।

रविवार को जन्म लेनेवाले जातक सुन्दर एवं गेंहूए रंग के होते हैं। इनमें तेजस्विता का गुण स्वाभाविक ही होता है। महत्वाकांक्षी होने के साथ ही प्रत्येक कार्य में जल्दबाजी करते है और सफल भी होते हैं। उत्साह इनमें कूट-कूट कर भरा होता है तथा ये परिश्रम से कभी भी घबराते नहीं हैं। ये हर कार्य में रूचि लेने वाले होते हैं परन्तु ये लोग समय के पाबंद नहीं होते। ये जातक अपना करियर किसी भी क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से बनाने की क्षमता रखते हैं। इनका शुभ दिन रविवार तथा शुभ अंक 7 होता है।।

आज का सुविचार – मित्रों, गलती कबूल़ करने और गुनाह छोङने में कभी देर ना करना। क्योंकि सफर जितना लंबा होगा वापसी उतनी ही मुशिकल हो जाती हैं। दुनिया में सिर्फ माँ-बाप ही ऐसे हैं जो बिना किसी स्वार्थ के प्यार करते हैं। कोई देख ना सका उसकी बेबसी जो सांसें बेच रहा हैं गुब्बारों में डालकर।।

Panchang 28 March 2021

सूर्य की महादशा में मंगल विजय और बुध कुष्ठ रोग देता है ।।….  आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें….  वेबसाईट पर पढ़ें:   &  ब्लॉग पर पढ़ें:

“मंगल की महादशा में चंद्रमा अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में गुरु अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

“गुरु की महादशा में शनि अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

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