पञ्चांग 30 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।

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बालाजी वेद, वास्तु एवं ज्योतिष केन्द्र।।

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आज का लेख एवं आज का पञ्चांग 30 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।

मित्रों, आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि उत्पन्ना नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।।

हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी), आज के योग और आज के करण। आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातकों पर अपनी कृपा बनाए रखें। इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो। ऐसी मेरी आप सभी आज के अधिष्ठात्री देवों से हार्दिक प्रार्थना है।।

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वैदिक सनातन हिन्दू पञ्चांग, Vedic Sanatan Hindu Panchang पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi), 2:- वार (Day), 3:- नक्षत्र (Nakshatra), 4:- योग (Yog) और 5:- करण (Karan).

पञ्चांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है। इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग का श्रवण करते थे। शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है। वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।।

नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापों का नाश होता है। योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है। करण के पठन-श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए नित्य पञ्चांग को देखना, पढ़ना एवं सुनना चाहिए।।

Panchang 30 November 2021

आज का पञ्चांग 30 नवम्बर 2021 दिन मंगलवार।।
Aaj ka Panchang 30 November 2021.

विक्रम संवत् – 2078.

संकल्पादि में प्रयुक्त होनेवाला संवत्सर – आनन्द.

शक – 1943.

अयन – दक्षिणायन.

गोल – उत्तर.

ऋतु – हेमन्त.

मास – मार्गशीर्ष.

पक्ष – कृष्ण.

गुजराती पंचांग के अनुसार – कार्तिक कृष्ण पक्ष.

Panchang 30 November 2021

तिथि – दशमी 04:15 AM बजे तक उपरान्त एकादशी तिथि है।।

नक्षत्र – हस्त 20:35 PM तक उपरान्त चित्रा नक्षत्र है।।

योग – प्रीति 02:50 AM तक उपरान्त आयुष्मान योग है।।

करण – विष्टि 04:15 AM तक उपरान्त बव 15:20 PM तक उपरान्त बालव करण है।।

चन्द्रमा – कन्या राशि पर।।

सूर्योदय – प्रातः 06:58:06

सूर्यास्त – सायं 17:55:01

राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:00 बजे से 16:30 बजे तक।।

शुभ मुहूर्त – दोपहर 12.15 बजे से 12.39 बजे तक।।

Panchang 30 November 2021

मित्रों, आज मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि उत्पन्ना नाम का एकादशी व्रत है। आप सभी एकादशी व्रतियों को एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एकव्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।।

एकादशी तिथि विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।।

एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।।

एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।।

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा एवं पूजा विधि:: Read more.

एकादशी व्रत विधि एवं कामहात्म्य कथा:: Read more.

Panchang 30 November 2021

वैदिक सनातन धर्म में एकादशी तिथि बहुत ही पुण्य फलदायी तिथि मानी जाती है। प्रत्येक मास में एकादशी तिथि दो बार आती है। इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। लेकिन अधिक मास की एकादशियों के साथ इनकी संख्या 26 हो जाती है। वैदिक पञ्चांग की ग्यारहवीं तिथि एकादशी कहलाती है। इस तिथि का नाम ग्यारस या ग्यास भी है। यह तिथि चंद्रमा की ग्यारहवीं कला है, इस कला में अमृत का पान उमा देवी करती हैं।।

एकादशी तिथि का निर्माण शुक्ल पक्ष में तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा का अंतर 121 डिग्री से 132 डिग्री तक होता है। वहीं कृष्ण पक्ष में एकादशी तिथि का निर्माण सूर्य और चंद्रमा का अंतर 301 से 312 डिग्री तक होता है। एकादशी तिथि के स्वामी विश्वेदेवा को माना गया है। संतान, धन-धान्य और घर की प्राप्ति के लिए इस तिथि में जन्मे जातकों को विश्वेदेवा की पूजा अवश्य करनी चाहिए।।

यदि एकादशी तिथि रविवार और मंगलवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा एकादशी तिथि शुक्रवार को होती है तो सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किसी भी कार्य की सिद्धि प्राप्ति का योग निर्मित होता है। यदि किसी भी पक्ष में एकादशी सोमवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, जो अशुभ होता है। इसमें शुभ कार्य निषिद्ध बताये गये हैं। एकादशी तिथि नंदा तिथियों की श्रेणी में आती है। वहीं किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।।

Panchang 30 November 2021

हस्त नक्षत्र के जातकों का गुण एवं स्वभाव:- यदि आपका जन्म हस्त नक्षत्र में हुआ है तो आप संसार को जीतने और उसपर शासन करने का पूरा पूरा सामर्थ्य एवं शक्ति रखते हैं। आपकी दृढ़ता और विचारों की स्थिरता आपको एक आम आदमी से भिन्नता और श्रेष्ठता प्रदान करती है। आप एक स्वतंत्र विजेता होंगे जो अपने ज्ञान और समृद्धि के कारण जाने जाते हैं। हस्त नक्षत्र के जातक सहृदयी और दयालु स्वभाव के होते हैं।।

जरुरतमंदों की निस्वार्थ मदद के लिए आप सदैव ही प्रशंसा पाते हैं। आप स्वभाव से थोड़े अध्यात्मिक और संगीत में रूचि रखने वाले होते हैं। आप अपने प्रियजनों के बीच रहना पसंद करते हैं। परन्तु समय-समय पर अपने कठोर निर्णयों के कारण कड़े एवं क्रूर भी हो जाते हैं। हस्त नक्षत्र के जातक अपनी अंदरूनी दृढ शक्ति के कारण बाहर से कठिन व्यक्ति प्रतीत होते हैं परन्तु वास्तविकता कुछ और ही होती है।।

अपने नम्र स्वभाव के कारण आप दूसरों को शीघ्र ही अपनी और आकर्षित कर लेते हैं। आपको जीवन में दया और मानवता के बदले में केवल आलोचना और कभी-कभी विद्रोह का भी सामना करना पड़ सकता है। आपका जीवन बहुत से उतार चढ़ाव से भरा हुआ होता है जो बहुत ही छोटे-छोटे अंतराल के बाद आकर आपकी मानसिक शांति भंग करते रहता हैं। आपका कठोर परिश्रम और कार्य के प्रति इमानदारी भी आपको स्थिरता नहीं दे पाती है।।

हस्त नक्षत्र के जातक जीवन में कभी भी बहुत अधिक धनि या बहुत अधिक निर्धन नहीं रहते हैं। यही स्तिथि उनके जीवन में सुख और दुःख को लेकर भी होता है। इसलिए आपको सदा ही संतुलित रहने का प्रयास करना चाहिए। आप कभी किसी को भूल कर भी धोखा नहीं दे सकते। क्योंकि आप इमानदारी पर विश्वास रखते हैं। यदि आपके साथ कोई विश्वासघात करता है तो आप क्रूरता और कठोरता के साथ उसका उत्तर देते हैं।।

समय के साथ ही आप अपने वास्तविक स्वभाव में आ जाते हैं और बाकि सब इश्वर पर छोड़ देते हैं। अपनी कुशाग्र बुद्धि के कारण आप किसी भी प्रकार के कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के योग्य होते हैं। आपका लक्ष्य कार्य में प्रभावी समाधान खोजना और कार्य को बिना अड़चन के पूर्ण करना होता है। आप अपने जीवन में 17-18 की आयु से ही कमाना आरम्भ कर देते हैं परन्तु अडचने 48 वर्ष की उम्र तक आपका पीछा नहीं छोड़ती।।

आप अपने जीवन में समृद्धि और सुख 48 वें वर्ष के उपरान्त ही देख पाते हैं। हस्त नक्षत्र में जन्मा जातक एक सुखी पारिवारिक जीवन व्यतीत करता है। छोटी-छोटी अडचनों के बावजूद, एक अच्छे जीवन साथी के कारण पारिवारिक जीवन संतोष पूर्वक व्यतीत होता है। सर्वगुण संपन्न पत्नी के कारण आपका दाम्पत्य जीवन सुखी एवं सद्भावनापूर्ण होता है।।

हस्त नक्षत्र में जन्मी जातिकायें कड़े स्वभाव की तथा अधिक इच्छा रखने वाली होती हैं। यह अपनी वित्तीय स्तिथि से सदा नाखुश और असंतुष्ट रहती हैं। दूसरों के धन और संपत्ति में रूचि रखना इनके स्वभाव में होता है। हस्त नक्षत्र में जन्म लेनेवाली जातिकायें कार्य करने में चतुर एवं कुशल होती हैं। हस्त नक्षत्र के जातक सदैव आभार मानने वाले होते हैं। हस्त नक्षत्र के जातकों में विटामिन बी की कमी ज्यादातर देखने को मिलती है। गैस, अपच, अजीर्ण, हाथ तथा कंधे के जोड़ों के दर्द एवं सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।।

प्रथम चरण:- हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण का स्वामी मंगल होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक शूरवीर एवं तर्कशास्त्र का ज्ञाता होता है। बुध की दशा हस्त के जातक को उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में ऐसे जातकों का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।

द्वितीय चरण:- हस्त नक्षत्र के द्वितीय चरण का स्वामी शुक्र होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक आजीवन रोग से जूझता रहता है। जातक के शरीर में स्थायी बीमारी का योग बनता है। बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।

तृतीय चरण:- हस्त नक्षत्र के तृतीय चरण का स्वामी बुध होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक धनी एवं संपन्न होता है। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा भी उत्तम फलदायी समय लेकर आता है।।

चतुर्थ चरण:- हस्त नक्षत्र के चतुर्थ चरण का स्वामी चन्द्र होता हैं। इस नक्षत्र चरण में पैदा हुआ जातक धनी एवं संपन्न होगा। लग्नेश बुध की दशा अति उत्तम फल देती है। शुक्र की दशा में जातक का भाग्योदय होता है तथा चन्द्रमा की दशा सामान्य फलदायी समय लेकर आता है।।

Panchang 30 November 2021

मंगलवार को नए कपड़े न ही खरीदना चाहिये और न ही पहली बार पहनना चाहिए। मंगलवार वाहन एवं भूमि-भवन आदि भी नहीं खरीदना चाहिये।।

मंगलवार का विशेष – मंगलवार के दिन तेल मर्दन (शरीर में तेल मालिश) करने से आयु घटती है – (मुहूर्तगणपति)।।

मंगलवार को क्षौरकर्म (बाल दाढी अथवा नख काटने या कटवाने) से भी आयु की हानि होती है।। (महाभारत अनुशासनपर्व)।।

दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।।

मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी या बाल काटने या कटवाने से उम्र कम होती है। अत: मंगलवार को बाल या दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए। मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।।

मंगलवार को यथासंभव कोशिश करके मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी/लाल पेड़े या गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं। हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत एवं नज़र की बाधा से बचाव होता है साथ ही आपके समस्त शत्रु परास्त होते है।।

मंगलवार के व्रत से सुयोग्यह संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है। मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है, मांगलिक दोष दूर होता है।।

Panchang 30 November 2021

मंगलवार को जिनका जन्म होता है, वो जातक स्वभाव से उग्र, साहसी, प्रयत्नशील एवं महत्वाकांक्षी होते हैं। इनमें नेतृत्व की क्षमता अन्यों के मुकाबले बहुत अधिक होती है। ऐसे लोग जिम्मेदा‍‍रियों के कार्य में सफल भी होते हैं। खिलाड़ी, पहलवान, सेना तथा पुलिस विभाग में सफल रहते हैं। यह जातक अधिकांशतः रक्तवर्ण या गेहूंआ रंग होता है।।

मंगलवार को जन्म लेनेवाला जातक जटिल बुद्धि वाला होता है। ये किसी भी बात को आसानी से नहीं मानते हैं। ऐसे लोग शक्की किस्म के होते हैं इसलिये सभी बातों में इन्हें कुछ न कुछ खोट दिखाई देता है। ये युद्ध प्रेमी और पराक्रमी होते हैं तथा अपनी बातों पर कायम रहने वाले होते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे जातक हिंसा पर भी उतर आते हैं। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता है कि ये अपने कुटुम्ब का पूरा ख्याल रखते हैं।।

मंगलवार को जन्मे लेने वाले व्य्क्ति स्वेभावानुसार क्रोधी, उग्र, पराक्रमी, जुझारू, अदम्यa साहसी, आलोचना सहन न करने वाले और सांगठवनिक क्षमता वाले होते हैं। नेतागिरी, पुलिस, सेना, नौकरशाह तथा खिलाड़ी के रूप में इनका कैरियर अधिक सफल रहता है। इनका शुभ अंक 3, 6, 9 तथा शुभ रंग लाल एवं मैरून और इनका शुभ दिन मंगलवार एवं शुक्रवार होता है।।

Panchang 30 November 2021

मंगलवार का विशेष टिप्स – यदि आपके जीवन में कभी अचानक ज्यादा खर्च की स्थिति बन जाय, तो किसी भी मंगलवार के दिन हनुमानजी के मंदिर में गुड़-चने का भोग श्रद्धापूर्वक लगाएं। भोग लगाने के बाद वहीँ बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें।।

मंगलवार के दिन ये विशेष उपाय करें – मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्त्व होता है। आज हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाना, चमेली के तेल का ही दीपक जलाना तथा माखन का भोग लगाना चाहिये, इससे हर प्रकार की मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।।

आज का सुविचार – मित्रों, दुनिया में भगवान का संतुलन कितना अद्भुत हैं, 100 कि.ग्रा. अनाज का बोरा जो उठा सकता हैं वो खरीद नही सकता और जो खरीद सकता हैं वो उठा नही सकता। जब आप गुस्सें में हो तब कोई फैसला न लेना और जब आप खुश हो तब कोई वादा न करना, अगर ये याद रखेंगे तो कभी नीचा नही देखना पड़ेगा।।

Panchang 30 November 2021

अरिष्ट अर्थात एक्सिडेन्ट एवं चोट आदि लगने के योग ।।….. आज के इस पुरे लेख को पढ़ने के लिये इस लिंक को क्लिक करें…. वेबसाईट पर पढ़ें:  & ब्लॉग पर पढ़ें:

“शुक्र की महादशा में सूर्य अन्तर्दशा फलम्” – My Latest video.

“शुक्र की महादशा में चंद्रमा अन्तर्दशा फलम्” – My Latest video.

“शुक्र की महादशा में मंगल अन्तर्दशा फलम्।।” – My Latest video.

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Panchang 30 November 2021

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