इन सात फलों के बिना अधूरी है छठ पूजा।।

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इन सात फलों के बिना अधूरी है छठ पूजा।। Seven favorite fruits of chhathi maiya.

मित्रों, चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ शुरू होता है। व्रती इस दिन सात्विक भोजन करके व्रत की शुरुआत करते हैं। छठ मैय्या को प्रसन्न करने के लिए लोग उनकी प्रिय वस्तुएं खरीदते हैं और पूजा के लिए इकट्ठा करते हैं। कुछ लोग नदी तालाब पर घाट बनाते हैं तो कुछ लोग पूजा की सामग्री और फलों की खीरदारी करते हैं। अगर आप भी छठी मैया की पूजा करने की सोंच रहे है, तो छठ मैय्या को प्रिय इन 7 फलों को लाना नहीं भूलना।।

छठी मैया का पहला प्रिय फल है- केला।। The first favorite fruit is banana.

The first favorite fruit is banana

केला छठ मैय्या का प्रिय फल माना जाता है। बिहार और पूर्वांचल में इसकी खूब खेती होती है। केला भगवान विष्णु का भी प्रिय माना गया है। मान्यता है, कि केला में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए यह अत्यंत पवित्र फल होता है। इस फल को कच्चा ही तोड़कर घर पर पका लेते हैं ताकि कोई पशु-पक्षी इसको जूठा न कर पाएं। इसकी पवित्रता की वजह से छठ मैय्या को केला प्रिय है। लोग मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए केला का घौद भेंट करने का भी प्रण लेते हैं।।

छठी मैया का दूसरा प्रिय फल है- डाभ नींबू।। Second favorite fruit is – Dabha lemon.

Second favorite fruit is - Dabha lemon

सामान्य नींबू से बड़े आकार का एक डाभ नींबू होता है, जो खाने में खट्टा-मिठा जैसा लगता है। इसका आवरण मोटा होता है, इस वजह से पुश-पक्षी इसको जूठा नहीं करते। डाभ नींबू भी छठ मैय्या को बहुत प्रिय है इसलिए पूजा में लोग इस फल को रखते हैं।।

छठ पूजा में इस्तेमाल होने वाले डाभ नींबू के फायदों के बारे में जानकर हैरान हो जाएंगे आप। छठ की पूजा में बहुत से फलों और मिठाईयों का इस्तेमाल प्रसाद के लिए किया जाता है। और उन्हीं में से एक है ये डाभ नींबू। डाभ नींबू विटामिन सी का अच्छा सोर्स माना जाता है। इसमें पाएं जाने वाले पोषक तत्व शरीर को कई बीमारियों के खतरे से बचाने में मददगार माने जाते हैं। डाभ नींबू को कई जगहों पर चकोतरा भी कहा जाता है।।

ये बाहर से पीला और अन्दर से लाल रंग का होता है। प्रसाद के तौर पर छठी मइया को डाभ नींबू का अर्पण किया जाता है। ये सिर्फ छठ पूजा में प्रसाद के काम में ही नहीं आता। बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये फल हमें कई मौसमी संक्रमण और बीमारियों से दूर रखने का काम कर सकता है। डाभ नींबू को पाचन के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके इस्तेमाल से पेट से जुडी कई समस्याओं से बचा जा सकता है। डाभ नींबू खाने में खट्टा मिठा होता है। ये स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी असरदार है।।

छठी मैया का तीसरा प्रिय फल है- नारियल।। Third favorite fruit is – coconut.

Third favorite fruit is - coconut

छठ के त्योहार में नारियल का विशेष महत्व है। भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए नारियल चढ़ाकर मनौती मांगते हैं। इसलिए कुछ लोगों के डाले में कई नारियल होते हैं। मान्यता है कि नारियल को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है इसलिए यह परम पवित्र फल है। छठ पर्व में पवित्रता का बड़ा महत्व होता है इसलिए छठ मैय्या की पूजा में नारियल अर्पित करने का विधान है।।

छठी मैया का चौथा प्रिय फल है- गन्ना।। fourth favorite fruit is Ganna.

fourth favorite fruit is Ganna

नारियल की तरह गन्ना का भी छठ पूजा में विशेष स्थान है। कई जगहों पर छठ पूजा में शाम के समय आंगन में गन्ने का घर बनाकर उसके नीचे हाथी रखकर छठ मैय्या की पूजा की जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से छठ मैय्या सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करती है। गन्ना का आवरण सख्त होता है, जिससे पशु-पक्षी इसको जूठा नहीं कर पाते। इसकी पवित्रता की वजह से छठ मैय्या को गन्ना अतिप्रिय है। छठ में ईख से बने गुड़ का प्रसाद भी इसलिए बनाया जाता है।।

छठी मैया का पांचवा प्रिय फल है- जल सिंघारा।। Fifth favorite fruit is Jal Singhara.

Fifth favorite fruit is Jal Singhara

जल में रहने वाला फल, जल सिंघारा माता लक्ष्मी का प्रिय फल है। आर्युवेद में इस फल को बहुत ही गुणकारी बताया गया है। साथ ही इसे शक्तिवर्धक और रोगनाशक भी माना गया है। जल में रहने के कारण इसका आवरण काफी सख्त होता है और पशु-पक्षी भी इसको जूठा नहीं कर पाते। इसलिए जल सिंघारा छठ मैय्या को बहुत प्रिय है।।

छठी मैया का छठा प्रिय फल है- सुथनी।। Sixth favorite fruit is – Suthni.

Sixth favorite fruit is - Suthni

मिट्टी से निकलने वाला यह फल काफी शुद्ध माना जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल पूजा में किया जाता है। खाने में यह शकरकंद की तरह ही होता है और यह एक तरह से शकरकंद के परिवार से आता है। आर्युवेद के अनुसार, इसके अंदर कई बीमारियों को ठीक करने की क्षमता होती है। यह बहुत शुद्ध होता है इसलिए छठ की पूजा में सुथनी का प्रयोग किया जाता है।।

छठी मैया का सातवाँ प्रिय फल है- सुपारी।। Seventh favorite fruit is Supari.

Seventh favorite fruit is Supari

सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य में सुपारी का प्रयोग अच्छा माना गया है। पान सुपारी से ही पूजा का संकल्प किया जाता है। सुपारी काफी सख्त होती है, इसे संस्कृत में पुगीफलम् कहा गया है। सुपारी पर देवी लक्ष्मी का प्रभाव माना जाता है, इसलिए छठ की पूजा में सुपारी का प्रयोग किया जाता है।।

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